पोक्सो कोर्ट का फैसला, राजसमंद के युवक को 20 साल की कठोर सजा

Update: 2026-03-07 13:12 GMT

भीलवाड़ा।पोक्सो एक्ट के मामले में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राजसमंद जिले के एक युवक को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर 92 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

विशिष्ट न्यायाधीश ,(पोक्सो कोर्ट -2 )अर्चना मिश्रा ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपी नारायण लाल पुत्र गहरी लाल नायक, निवासी मटुनिया (देवगढ़, राजसमंद) को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।

जुलाई 2022 में दर्ज हुआ था मामला

विशिष्ट लोक अभियोजक अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि जुलाई 2022 में परिवादी ने सुभाष नगर थाने में रिपोर्ट दी थी कि 18 जुलाई को उसकी नाबालिग बेटी आरसी व्यास कॉलोनी में झाड़ू-पोछा करने गई थी, लेकिन उसके बाद घर वापस नहीं लौटी।

परिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों में काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और नाबालिग को बरामद किया।

जांच के बाद आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने नाबालिग के बयान दर्ज करने के बाद देवगढ़ थाना क्षेत्र के मटुनिया निवासी आरोपी नारायण लाल को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट पेश की।

21 दस्तावेज और 12 गवाहों से आरोप साबित

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 21 दस्तावेज और 12 गवाह पेश किए, जिनके आधार पर आरोपी के खिलाफ लगे आरोप सिद्ध हो गए।

सभी साक्ष्यों और गवाहों को देखते हुए पोक्सो कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 92 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

Similar News