बजट 2026-27: बजट भाषण में वित्त मंत्री बोलीं- इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं'
यह युवा शक्ति से प्रेरित बजट है- वित्त मंत्री
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा- सरकार 'विकसित भारत' की दिशा में मजबूत कदम उठाना जारी रखेगा। भारत वैश्विक बाजार के साथ गहनता से जुड़ा रहेगा। मैं पार्ट-ए की शुरुआत करते हुए इस देश के नागरिकों का आभार प्रकट करना चाहूंगा, जिन्होंने इस देश को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाया है। हमने सुनिश्चित किया है कि किसानों, अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों, युवाओं, महिलाओं, गरीबों को लाभ मिलता रहे। यह युवा शक्ति से प्रेरित बजट है। हमारी सरकार का संकल्प गरीब, हाशिए पर पड़े लोगों पर ध्यान देना है। कर्तव्य भवन में यह बजट बना है। पहला कर्तव्य है- आर्थिक विकास को सतत तरीके से बढ़ाना। दूसरा कर्तव्य है- जनआकांक्षाओं को पूरा करना। तीसरा कर्तव्य है- सबका साथ, सबका विकास। यह सुनिश्चित करना कि सभी को संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक समान रूप से पहुंच मिले।
बजट भाषण को आगे बढ़ाते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बड़े विजन की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अब दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह पक्की कर रहा है और सरकार का लक्ष्य इस विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँचाना है।
चार स्तंभों पर टिका है बजट: किसान, आदिवासी, महिला और युवा
वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आर्थिक विकास (Growth) के नतीजे केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इन्हें सीधे तौर पर इन वर्गों तक पहुँचाया जाएगा:
किसान: कृषि उत्पादकता बढ़ाने और उनकी आय को सुरक्षित करने के लिए नए सुधार।
महिलाएं (नारी शक्ति): महिला सशक्तिकरण और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की योजनाएं।
युवा: कौशल विकास और नए रोजगार के अवसरों पर विशेष ध्यान।
आदिवासी: वंचित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा और कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार।
भीलवाड़ा के युवाओं और उद्यमियों में जगी उम्मीद
7% की ग्रोथ रेट मिली
सीतारमण ने कहा कि हमने लोगों की यूनिवर्सल सर्विस पर ध्यान दिया है। इससे 7% की ग्रोथ रेट हासिल करने में मदद मिली है।
हम विकसित भारत के विजन की तरफ काम करते रहेंगे। हम ग्लोबल मार्केट के साथ लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के विजन के साथ अलाइन रहेंगे।
हमने दूरगामी ढांचागत सुधार किए हैं- वित्त मंत्री
निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण की शुरुआत करते हुए कहा, 'माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास की जयंती के अवसर पर मैं यह बजट पेश कर रही हूं। बीते 12 साल के दौरान अनिश्चितताओं के बावजूद हमने स्थिर अर्थव्यवस्था को बनाए रखा है। हमने दूरगामी ढांचागत सुधार किए हैं। आत्मनिर्भरता को प्रमुख उद्देश्य बनाए रखा है। आयात पर निर्भरता को घटाया है। हमने सुनिश्चित किया है कि नागरिकों को इसका लाभ मिले, कृषि उत्पादकता बढ़े और परिवारों की क्रय शक्ति बढ़े। इन उपायों की वजहों से सात फीसदी की विकास दर हासिल हुई है। इससे गरीबी उन्मूलन और लोगों के जीवन में सुधार हासिल हो सका है।