कॉलेज गेट पर तालाबंदी,: छात्रा बोली-यूनिर्वसिटी प्रशासन अपनी जेबें भरें, लेकिन विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में ना डालें

Update: 2025-02-13 07:58 GMT

 भीलवाड़ा बीएचएन। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनरतले छात्र-छात्राओं ने चार सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार सुबह माणिक्य लाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय के गेट पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्र प्रतिनिधि दीपा जाट ने कहा कि यूनिर्वसिटी प्रशासन बे फिक्र होकर अपनी जेबें भरें, लेकिन विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में ना डालें।

छात्रा जाट ने कहा कि विद्यार्थी परिषद अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही है। परिषद ने दो फरवरी को ही ज्ञापन दे दिया था, लेकिन स्थानीय कॉलेज प्रशासन ने यूनिर्वसिटी तक अपनी बात नहीं पहुंचाई। जाट ने कहा कि परिषद का प्रत्येक कार्यकर्ता आंदोलन पर उतर आया है। छात्रा जाट ने बताया कि विद्यार्थियों का न तो समय पर प्रवेश समय पर होता है, ना परीक्षा और ना ही परिणाम समय पर जारी होता है। जबकि निजी कॉलेज के बराबर 20 से 25 हजार रुपये की फीस वसूली जा रही है। इसके बावजूद भी उन्हें शर्म तक नहीं आ रही है, विद्यार्थियों का भविष्य बर्बाद करने के लिए उन्हें जीरो-जीरो नंबर देकर उनके रिजल्ट में धांधली की जा रही है। ऐसे में विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में है। छात्रा जाट ने कहा कि उनका यूनिर्वसिटी प्रशासन से निवेदन है कि आप अपनी जेबें भरिये, बे फिक्र होकर भरिये, परंतु इन विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में मत डालिये। इससे पहले आज विद्यार्थी परिषद के बैनर तले छात्र-छात्राओं ने कॉलेज गेट पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। उधर, प्रदर्शन को देखते हुये कोतवाली थाने का जाब्ता भी कॉलेज गेट पर तैनात किया गया। प्रदर्शन के दौरान ममता आचार्य, भावेश छिपा,खुशी प्रजापत,हर्षिता वैष्णव,खुशी गोस्वामी,राजवीर, चंद्रवीर,कोमल , उषा, ललित प्रजापत, दीपांशु, विजय, दिव्या आदि कार्यकर्त्ता उपस्थित थे

उग्र आंदोलन की चेतावनी

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का कहना था कि मांगों को लेकर भारतीय विद्यार्थी परिषद् समय-समय पर कॉलेज प्रशासन एवं विश्वविद्यालय को कई बार इन समस्याओं से अवगत कराने के बावजूद समस्याओं का निराकरण नहीं होने से छात्र-छात्राओं में काफी रोष व्याप्त है। जल्द ही इन समस्याओं पर कार्यवाही नहीं होने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् की ओर से उग्र आंदोलन किया जायेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन एवं विश्वविद्यालय की होगी। 

ये हैं चार सूत्रीय मांगे

01. पुर्न: मूल्यांकन प्रणाली को दुबारा शुरू किया जाये, पूरक परीक्षा के कठोर नियम को सरल किया जाये।

0.2 सेमेस्टर प्रणाली के माध्यम से ली जा रही अधिक फीस को कम किया जाये।

03. विश्वविद्यालय द्वारा द्वितीय सेमिस्टर में छात्र-छात्राओं की अंकतालिका में की जा रही अनियमितताओं को सुधारा जायें।

04 सेमेस्टर प्रणाली के सत्र (प्रवेश, परीक्षा और परिणाम) समय पर करवायें।


 

 

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