गारनेट वसूली कांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई-: व्यवसायी सौरभ गिरफ्तार, 7.40 लाख की नकदी बरामद
भीलवाड़ा हलचल। कोटड़ी और काछोला क्षेत्र में अवैध गारनेट खनन और अवैध वसूली के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई को और अधिक आक्रामक बना दिया है। जांच टीम ने इस सनसनीखेज गिरोह की कडिय़ों को जोड़ते हुए एक और आरोपित व्यवसायी सौरभ काष्ट को धर दबोचा है। इस गिरोह द्वारा गारनेट व्यापारियों से वसूली गई लाखों की राशि भी बरामद हुई है।
लेन-देन का जरिया था सौरभ काष्ट
प्रकरण की जांच कर रहे पुर थाना प्रभारी कन्हैयालाल ने बताया कि मुख्य आरोपी अजय कुमार पांचाल से रिमांड के दौरान हुई कड़ी पूछताछ में सौरभ काष्ट (37) का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार व्यवसायी सौरभ ही वह शख्स था, जिसके माध्यम से अजय पांचाल अवैध रुपयों का लेन-देन कर रहा था। पुलिस ने गुरुवार को सौरभ अजय पांचाल, कालूलाल गुर्जर, नारायणलाल गुर्जर और नंदसिंह उर्फ पिंटू राणावत को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें फिर से 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
7 लाख 40 हजार की नकदी बरामद
पुलिस की आक्रामक पूछताछ के सामने आरोपी अजय पांचाल टूट गया और उसकी निशानदेही पर गारनेट व्यापारियों से वसूली गई राशि में से 7 लाख 40 हजार रुपये नकद बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस अब इस बात की तह तक जा रही है कि वसूली गई कुल रकम कितनी है और इसके तार और कहां-कहां जुड़े हैं।
आईपीएस माधव उपाध्याय पर जांच जारी
इस पूरे प्रकरण ने पुलिस महकमे में उस वक्त हडक़ंप मचा दिया था जब इसमें ट्रेनी आईपीएस माधव उपाध्याय की भूमिका संदिग्ध पाई गई। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर विजिलेंस जांच के आदेश दिए गए हैं। अजमेर जीआरपी एसपी नरेंद्र सिंह इस हाई-प्रोफाइल मामले की गहराई से पड़ताल कर रहे हैं। एसपी सिंह की जांच रिपोर्ट पर ही यह तय होगा कि वर्दी की आड़ में वसूली के इस खेल में कौन-कौन से ऊंचे रसूखदार शामिल थे।