मनरेगा पर वार के खिलाफ पुर में कांग्रेस का बिगुल,: एक दिवसीय अनशन से मनरेगा बचाओ आंदोलन की शुरुआत

Update: 2026-01-17 12:58 GMT

 पुर। केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार होने के बावजूद उपनगरीय क्षेत्र पुर में विकास ठप होने और मनरेगा कानून को कमजोर करने के विरोध में शुक्रवार को कांग्रेस ने सड़कों पर उतरकर मोर्चा खोल दिया। मनरेगा बचाओ आंदोलन के तहत पुर के बजरंगपुरा चौराहे पर एक दिवसीय अनशन का आयोजन किया गया, जिसने इलाके की राजनीति को गरमा दिया।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश और जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में आयोजित इस अनशन की अगुवाई बजरंग मंडल प्रभारी मनोज पालीवाल, सह प्रभारी योगेश सोनी और सेवादल संरक्षक व वरिष्ठ कांग्रेस नेता रोशन लाल महात्मा ने की। अनशन दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक चला, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए।

केंद्र सरकार के फैसलों पर तीखा हमला

आयोजकों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा कानून में बदलाव कर इस योजना को धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश रच रही है। राज्य सरकार पर 40 प्रतिशत वित्तीय भार डालने, योजना का नाम बदलने और कानून में संशोधन जैसे प्रस्ताव मजदूरों के हक पर सीधा हमला हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह शर्तें न तो व्यवहारिक हैं और न ही गरीबों के हित में।

मनरेगा देश की रीढ़ की हड्डी

धरने को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी भीलवाड़ा शहर के अध्यक्ष शिवराम खटीक ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं बल्कि करोड़ों गरीब परिवारों के जीवन की रीढ़ है। इसमें छेड़छाड़ कर भाजपा सरकार इसे समाप्त करना चाहती है। कांग्रेस पार्टी इस साजिश को सफल नहीं होने देगी और सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में कांग्रेस की सरकार बनने पर मनरेगा मजदूरी बढ़ाई जाएगी और योजना को और अधिक मजबूत किया जाएगा।

भाजपा जनप्रतिनिधियों पर सीधा आरोप

इस दौरान शाहपुरा विधायक प्रत्याशी नरेंद्र रैगर, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष धर्मेंद्र पारीक, मनरेगा आंदोलन प्रभारी मनोज पालीवाल और अन्य नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि पुर क्षेत्र से चार पार्षद, महापौर, विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री सभी भाजपा से होने के बावजूद क्षेत्र में कोई ठोस विकास नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता को सिर्फ जुमले मिले, जमीन पर काम नहीं।

कांग्रेस शासन के काम गिनाए

नेताओं ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जिंदल की अवैध ब्लास्टिंग से प्रभावित परिवारों को 708 भूखंड दिए गए, नगर निगम की ओर से 900 पट्टे वितरित किए गए, पुर चिकित्सालय को पीएचसी से सीएचसी में क्रमोन्नत किया गया, जनता क्लिनिक की स्थापना हुई और करीब 22 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए गए। इसके विपरीत वर्तमान सरकार के कार्यकाल में विकास पूरी तरह ठप है।

कार्यक्रम का संचालन पश्चिम ब्लॉक महामंत्री भंवर जाट ने किया, जबकि आभार सेवादल के शांतिलाल धौलपुरिया ने जताया। इस एक दिवसीय अनशन में कांग्रेस और सेवादल के बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे और उपवास के साथ आंदोलन की औपचारिक शुरुआत की।

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