सियासी गलियारों में हलचल:: मांडल के दो पूर्व विधायकों की 'गुफ्तगू' ने बढ़ाई धड़कनें, तीसरे के लिए खतरे की घंटी?
भीलवाड़ा हलचल । राजनीति में न तो कोई स्थाई दोस्त होता है और न ही दुश्मन, बस मौके और नजाकत का खेल होता है। मांडल विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब क्षेत्र के दो कद्दावर पूर्व विधायक एक साथ नजर आए। इस मुलाकात के बाद से ही जिले की सियासत में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
दिग्गजों का मिलन और रहस्यमयी मुस्कान
मौका था एक बड़े
उद्योगपति के निजी कार्यक्रम का, जहां मांडल के काग्रेस से पूर्व विधायक रामलाल जाट और भाजपा से कालू लाल गुर्जर का आमना-सामना हुआ। दोनों दिग्गजों ने न केवल एक-दूसरे का अभिवादन किया, बल्कि काफी देर तक साथ बैठ कर गुफ्तगू भी की। हालांकि, उनकी बातचीत के अंश तो बाहर नहीं आए, लेकिन उनकी बॉडी लैंग्वेज और चेहरे की मुस्कान ने बहुत कुछ इशारों में कह दिया।
तीसरे की उड़ी नींद?
क्षेत्र में चर्चा इस बात को लेकर जोरों पर है कि इन दो धुर विरोधियों की नजदीकी आने वाले समय में किसके समीकरण बिगाड़ने वाली है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि मांडल के वर्तमान हालातों और समीकरणों को देखते हुए इन दो पुराने प्रतिद्वंद्वियों का एक जाजम पर बैठना, किसी 'तीसरे' पक्ष के लिए भारी पड़ सकता है।
चर्चाएं हजार, पर जुबां पर ताला
मांडल की फिजाओं में इस मुलाकात को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कोई इसे महज एक शिष्टाचार भेंट बता रहा है, तो कोई इसे भविष्य की किसी बड़ी बिसात का हिस्सा मान रहा है। वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए चर्चाएं तो कई हैं, लेकिन जैसा कि कहा जाता है— "इशारों को अगर समझो तो राज को राज रहने दो।"
मांडल और भीलवाड़ा की हर राजनीतिक उठापटक के लिए जुड़े रहें भीलवाड़ा हलचल के साथ।
