गिग वर्कर्स के लिए बड़ी राहत: बिना गारंटी मिलेगा ₹10,000 का ऋण, PM-स्वनिधि की तर्ज पर नई योजना तैयार

Update: 2026-01-18 07:20 GMT

भीलवाड़ा। केंद्र सरकार ने देश के करोड़ों गिग वर्कर्स (जैसे डिलीवरी बॉय, फ्रीलांसर और प्लेटफॉर्म वर्कर्स) को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM-SVANidhi) की अपार सफलता के बाद, अब सरकार इसी मॉडल पर गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए एक नई माइक्रो-क्रेडिट योजना लाने की तैयारी कर रही है।

​अप्रैल 2026 से शुरू होगी योजना

​ताज़ा जानकारी के अनुसार, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय इस नई योजना का खाका तैयार कर रहा है, जिसे अप्रैल 2026 से लागू किया जा सकता है। इस योजना के तहत:

​बिना गारंटी लोन: गिग वर्कर्स को शुरुआत में ₹10,000 तक का वर्किंग कैपिटल लोन बिना किसी गारंटी के दिया जाएगा।

​लोन की सीमा में बढ़ोतरी: पहले ऋण का समय पर भुगतान करने पर लाभार्थी ₹20,000 और फिर ₹50,000 तक का बड़ा ऋण लेने के पात्र होंगे।

​ब्याज में सब्सिडी: स्ट्रीट वेंडर्स की तरह ही, गिग वर्कर्स को भी समय पर भुगतान करने पर 7% ब्याज सब्सिडी का लाभ मिलेगा।

​ई-श्रम पोर्टल से जुड़ी है पात्रता

​योजना का लाभ मुख्य रूप से उन वर्कर्स को मिलेगा जो ई-श्रम (e-Shram) पोर्टल पर पंजीकृत हैं। नवंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, इस पोर्टल पर करीब 5 लाख से अधिक गिग वर्कर्स पहले ही जुड़ चुके हैं। सरकार का लक्ष्य कुल 1.15 करोड़ लोगों को इस सुरक्षा कवच के दायरे में लाना है।

​क्यों खास है यह योजना?

​गिग इकॉनमी में काम करने वाले युवाओं को अक्सर बैंकों से ऋण लेने में कठिनाई होती है क्योंकि उनके पास कोई औपचारिक क्रेडिट इतिहास नहीं होता। इस योजना से वे अपनी जरूरत के अनुसार मोटरसाइकिल, स्मार्टफोन या अन्य कार्य-उपकरण आसानी से खरीद सकेंगे। साथ ही, डिजिटल लेनदेन करने पर उन्हें विशेष कैशबैक प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।

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