​भीलवाड़ा में उमड़ा 'हिंदू शक्ति' का महाकुंभ; कलश यात्राओं और अखाड़ा प्रदर्शन से गूंजा जिला, 'एक संगत-एक पंगत' का दिया संदेश

Update: 2026-02-01 13:45 GMT


​भीलवाड़ा (हलचल)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को भीलवाड़ा शहर सहित ग्रामीण अंचलों में 'विराट हिंदू सम्मेलनों' का ऐतिहासिक आयोजन हुआ। जिले के दादाबाड़ी, पुर, सांगानेर, पीथास, गाडरमाला, लाडपुरा और करजालिया जैसे क्षेत्रों में भगवा ध्वज लहराया और हजारों की संख्या में मातृशक्ति व युवाओं ने एकता का शंखनाद किया।

दादाबाड़ी (शहर): 'जीरो वेस्ट' और 'सामाजिक समरसता' की अनूठी मिसाल

​भीलवाड़ा शहर के वार्ड 52 दादाबाड़ी क्षेत्र में आयोजित सम्मेलन में अनुशासन की नई मिसाल पेश की गई।

​वंदे मातरम और बौद्धिक: जयपुर केंद्र के संघ चालक डॉ. रमेश चंद्र अग्रवाल ने हिंदू एकता की बारीकियों पर प्रकाश डाला।

​अखाड़ा प्रदर्शन: दुर्गा शक्ति अखाड़े की बहनों ने हैरतअंगेज शौर्य प्रदर्शन कर दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया।

​अनुशासित भोजन: स्वयंसेवकों ने संकल्प दिलाया कि कोई भी पत्तल में झूठा नहीं छोड़ेगा। यदि कोई झूठा छोड़ता पाया गया, तो उसे वह भोजन अपने घर ले जाना होगा। इस पहल की पूरे शहर में चर्चा रही।

उपनगर पुर: राष्ट्र सेवा को बताया सर्वोपरि धर्म


​पुर के बड़े मंदिर से शुरू हुई 500 कलशों की यात्रा भारद्वाज वाटिका पहुँची।

​संतों का आह्वान: महामंडलेश्वर हंसाराम महाराज ने कहा कि सनातनियों को जाति-संप्रदाय से ऊपर उठकर राष्ट्र सेवा के लिए एकजुट होना होगा।

​मुख्य वक्ता: डॉ. शंकरलाल माली ने आने वाली पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण और स्वदेशी अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में उस्ताद गिरिराज चौबे और पंडित अशोक व्यास सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।

 पीथास में 13 गांवों का ऐतिहासिक संगम


मांडल तहसील के पीथास में 13 गांवों के हिंदू समाज ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया।

​भव्य शोभायात्रा: चारभुजा मंदिर से शुरू हुई यात्रा में डीजे की धुन पर युवा और महिलाएं थिरकती नजर आईं।

​सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: बालक-बालिकाओं ने देशभक्ति नाटिकाओं के जरिए राष्ट्र प्रेम का जज्बा जगाया। इस दौरान महंत मंगल दास जी महाराज और लघु उद्योग भारती के रवीन्द्र जाजू मौजूद रहे।

गाडरमाला : भगवामय हुआ कस्बा, मातृशक्ति का शौर्य



 


​गाडरमाला में विराट सम्मेलन को लेकर भारी उत्साह दिखा।

​कलश यात्रा: पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश और हाथों में धर्म ध्वजा लेकर अनुशासन की छटा बिखेरी।

​धर्मसभा: शनि महाराज मंदिर में आयोजित सभा में दीदी नीलू मालू और प्रांत प्रभारी शंकर लाल माली ने सनातन संस्कृति की रक्षा पर विचार व्यक्त किए।

​करजालिया एवं मोड़ का निंबाहेड़ा: वाहन रैली से दिखाई एकजुटता


​करजालिया मंडल में सुबह 9 बजे भव्य वाहन रैली निकाली गई, जो डोटा और उदलियास होते हुए वापस करजालिया पहुँची।

​बौद्धिक संदेश: प्रांत प्रौढ़ कार्य प्रमुख सियाराम जी ने आत्मविस्मृत समाज को पुनर्जागरण का संदेश दिया।

​मोड़ का निंबाहेड़ा: यहाँ 500 महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। अखाड़े के प्रदर्शन और सामाजिक समरसता भोज ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।

​लाडपुरा: 'गौ, गंगा और गीता' की रक्षा का संकल्प


​लाडपुरा के देवनारायण मंदिर परिसर में जिला संघ चालक चांदमल सोमानी ने कहा कि भारत का अस्तित्व हमारी संस्कृति से है।

​अखाड़ा: बजरंग व्यायामशाला सिंगोली के कलाकारों के हैरतअंगेज प्रदर्शन ने समां बांध दिया।

​सम्मान: विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को यहाँ सम्मानित किया गया।

मोड़ का निंबाहेड़ा में भी हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया और विशाल शोभायात्रा निकाली गई



 


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