गोष्ठी सम्पन्न-एक कदम तुम चलो... दस कदम मैं आऊंगा

Update: 2026-03-16 12:21 GMT

  

 भीलवाड़ा । जिला साहित्यकार परिषद् आयोजित होली मिलन एवं काव्य गोष्ठी स्थानीय सिन्द्दु नगर स्थित हेमू कालानी सिन्धी शिक्षण संस्था भवन में आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता दयाराम मेठानी ने की एवं संचालन महेन्द्र शर्मा ने किया। गोष्ठी में होली पर रचनाओं के अलवा अन्य अनेक विभिन्न विषयांे पर रचनायंे प्रस्तुत की गई। काव्य गोष्ठी में सभी रचनाकारों ने एक से एक बढ़कर प्रस्तुति दी।

काव्य गोष्ठी सरस्वती वंदना से आरंभ हुई। गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए श्याम सुंदर मधुप ने कहा ‘‘बड़े सुहाने रंग होली के, रंग बिरंगे ढंग टोली के’’ राजेंद्र कुमार पोरवाल ने ‘‘होली की मस्ती में मर्यादा मत भूल जाना’’, ओम उज्ज्वल ने मेवाड़ धरा की वीरता पर रचना प्रस्तुत करते हुए कहा कि ‘‘ मेवाड़ धरा पर हमकों नाज़ है, यहाँ महाराणा प्रताप, पद्मनी का जौहर, वीर पन्ना धाय जैसा लाजवाब बलिदान है’’ ‘‘बृज सुंदर सोनी ने ‘‘गम का दरिया बन बहती रही ज़िन्दगी भर नारी’’, अवधेश जौहरी ने होली में हास्य जोड़ते हुए कहा कि ‘‘तुम बिन घर जंगल लगता है, बाकी सब खैरियत है’’, जयप्रकाश भाटिया ने ‘‘मन मेरा शांत और अधीर है, सोशल मीडिया द्रोपदी का बढ़ता हुआ चीर है’’, बंसीलाल पारस ने ‘‘शब्द से ही आदमी की पहचान होती है, शब्द से ही आरती अरदास और अजान होती है’’, अजीज जख्मी ने ‘‘मैं फ़िदा यूं ही नहीं जानम तेरे रुखसार पे, बेअसर लगता है हर मौसम तेरे रुखसार पे’’, राजेंद्र गोपाल व्यास ने ‘‘एक कदम तुम चलो तो दस कदम मैं आऊंगा’’, महेंद्र शर्मा ने ‘‘सब कुछ आसपास है लेकिन पता नहीं किसकी तलाश है’’, दयाराम मेठानी ने ‘‘सुख में साथ सदा रहे, दुख में भागे दूर, साथ निभाए जो सदा, वो नयनों का नूर’’ सुना कर वाहवाही बटोरी।

काव्य गोष्ठी में शिखा बाहेती, गोपाल शर्मा, देवीलाल दुलारा, दीक्षा पंचैली, चित्रा भाटिया, उदयलाल सिंघवी, राजेश मित्तल, मनोहरलाल कुमावत, दिनेश दीवाना ने अपनी रचनाओं पर तालिया बटोरी।

Similar News