कलश यात्रा के साथ नानी बाई रो मायरो का आगाज: बाल व्यास दीपा दाधीच ने दिलाया रक्तदान का संकल्प
भीलवाड़ा । धर्मनगरी भीलवाड़ा के कमला विहार स्थित राधा कृष्णा मंदिर पार्क में 'नानी बाई रो मायरो' कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। नानी बाई रो मायरो महोत्सव सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत गाजे-बाजे के साथ निकली भव्य कलश यात्रा से हुई।
भक्तिमय रही कलश यात्रा
समिति संयोजक रमेशचन्द्र दाधीच ने बताया कि कलश यात्रा पटेल नगर 200 फीट रिंग रोड स्थित बालाजी मंदिर से प्रारंभ हुई। यात्रा में सैकड़ों महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण किए और पुरुष श्रद्धालु बैंड-बाजों की मधुर धुन पर नाचते-गाते हुए चल रहे थे। मार्ग में पुष्प वर्षा के साथ स्वागत के बाद कलश यात्रा कथा स्थल पर पहुँची।
नरसी मेहता की भक्ति का वर्णन
व्यासपीठ से कथा का रसपान कराते हुए राधा स्वरूपा बाल व्यास पूज्या दीपा दाधीच ने भक्त शिरोमणि नरसी मेहता के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जन्म से मूक-बधिर होने के बावजूद नरसी जी ने अपनी अटूट भक्ति से ठाकुर जी को प्रसन्न किया। भगवान शंकर की कृपा से उन्हें राधा-कृष्ण के साक्षात दर्शन हुए और महारास का आनंद मिला। दीपा दाधीच ने भावपूर्ण शब्दों में बताया कि कैसे नरसी जी ने प्रभु द्वारा प्राप्त अपार धन को गौशाला और जनसेवा में समर्पित कर दिया और स्वयं वैरागी बन गए।
ये रहे उपस्थित
कथा आयोजक रामचंद्र व्यास ने बताया कि इस अवसर पर डॉ. जी.एल. शर्मा, प्रमोद कुमार आचार्य, राजमल जोशी, हरिप्रकाश कंठ, ओमप्रकाश जोशी, अशोक जोशी, रामदयाल, दिनेश कुमार, प्रकाश चन्द्र, रमेश कुमार सहित सैकड़ों की संख्या में भक्तगण मौजूद रहे। अंत में व्यासपीठ की आरती के बाद महाप्रसाद का वितरण किया गया।