बिजौलिया (हलचल)। उपखंड क्षेत्र की गोपालपुरा पंचायत से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ज्ञान की रोशनी फैलाने वाला सरकारी स्कूल अब अवैध बजरी कारोबार का सुरक्षित ठिकाना बन चुका है। ग्राम डोबिया स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय, जो सत्र 2015-16 से बंद पड़ा है, अब बजरी माफियाओं के कब्जे में है।
परिसर में बजरी के ऊंचे ढेर
जिस स्कूल की दीवारों के बीच कभी बच्चों की किलकारियां और पढ़ाई की आवाजें गूंजती थीं, वहां आज सन्नाटा है, लेकिन परिसर के भीतर तीन से चार ट्रक अवैध बजरी का स्टॉक लगा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, यह स्थान सलावटिया से तिलस्वां मुख्य सड़क मार्ग के बिल्कुल नजदीक है, जिससे माफियाओं को परिवहन और माल डंप करने में काफी आसानी हो रही है।
ग्रामीणों में खौफ, रसूखदारों की शह?
हैरानी की बात यह है कि गांव के बीचों-बीच चल रहे इस अवैध खेल पर ग्रामीण खुलकर कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। स्थानीय लोगों की चुप्पी इस ओर इशारा कर रही है कि इस काले कारोबार के पीछे किसी रसूखदार या प्रभावशाली व्यक्ति का हाथ हो सकता है। स्कूल की सरकारी संपत्ति का इस तरह दुरुपयोग होना प्रशासन की सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
अधिकारियों ने साधी चुप्पी, जांच का भरोसा
इस पूरे प्रकरण में प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी मालीराम यादव ने अनभिज्ञता जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्हें विद्यालय परिसर में बजरी होने की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी। हालांकि, मामला संज्ञान में आने के बाद उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही मौके पर जांच टीम भेजी जाएगी और अवैध बजरी को जब्त करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।