अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर नारी शक्ति का हुंकार ,शोषण के विरुद्ध एकजुट होने का आह्वान

Update: 2026-03-08 12:16 GMT

भीलवाड़ा -आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सीटू यूनियन एवं आजीविका संविदा कर्मचारी योजना की महिलाओं द्वारा जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष मुखर्जी पार्क में एक विशाल सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महिलाओं के अधिकारों, सामाजिक समानता और उनके ऐतिहासिक संघर्षों पर चर्चा करते हुए एकजुटता का संकल्प लिया गया।

मुख्य वक्ता ओमप्रकाश देवानी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह दिन केवल उत्सव का नहीं, बल्कि नारी शक्ति के संघर्ष और उनकी सफलताओं को याद करने का दिन है।

उन्होंने इतिहास को रेखांकित करते हुए बताया कि 1917 में रूस की महिलाओं द्वारा श्ब्रेड एंड पीसश् (रोटी और शांति) की मांग को लेकर की गई ऐतिहासिक हड़ताल ने पूरे विश्व को हिला दिया था। इसी आंदोलन का परिणाम था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सरकारों को महिलाओं को वोट देने का अधिकार देने के लिए मजबूर होना पड़ा।

देवानी ने वर्तमान सामाजिक और आर्थिक परिवेश में महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ हो रहे शोषण को समाप्त करने के लिए ’संगठित शक्ति’ ही एकमात्र विकल्प है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजूट होकर संघर्ष करें।

कार्यक्रम में आजीविका संगठन की जिला अध्यक्ष अनीता कंवर के नेतृत्व में कई महिला प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कार्यस्थल पर सुरक्षा, समान मानदेय और सामाजिक सम्मान जैसे मुद्दों पर जोर दिया। नारी शक्ति की सफलता ही समाज की प्रगति का पैमाना है। जब तक महिलाएं संगठित नहीं होंगी, पूर्ण लैंगिक समानता का लक्ष्य प्राप्त करना कठिन है।

इस दौरान टीना कंवर, सत्तू बुनकर, पिंकी सेन, सरिता देवी, जानू देवी, शमीम बानो, बरजी, विष्णु देवी सहित सैकड़ों की संख्या में महिला कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।

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