जैतपुरा गांव में पंचायत पुनर्गठन के विरोध में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और सांसद के फूंके पुतले
भीलवाड़ा। आसींद विधानसभा क्षेत्र के जैतपुरा गांव में पंचायत पुनर्गठन के फैसले के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया है। सोमवार को ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री, भीलवाड़ा सांसद, आसींद विधायक और पूर्व नेता प्रतिपक्ष के पुतले फूंके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने जैतपुरा गांव को निकटवर्ती पालड़ी पंचायत के बजाय लगभग 9 किलोमीटर दूर स्थित धौली पंचायत में जोड़ दिया है। उनका कहना है कि पालड़ी पंचायत उनके गांव के सबसे नजदीक है, जहां से उन्हें प्रशासनिक कार्य, विकास योजनाएं और दैनिक सुविधाएं आसानी से मिलती हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, बिना किसी ठोस कारण के गांव को दूरस्थ धौली पंचायत में शामिल करने से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत पुनर्गठन के इस फैसले के विरोध में ग्रामीण पहले भी प्रदर्शन कर चुके हैं। इससे पहले उन्होंने एसडीएम कार्यालय के बाहर अनोखे तरीके से 'मुर्गा बनकर' विरोध जताया था, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय रहा। हालांकि, प्रशासन की ओर से कोई समाधान नहीं निकल पाया।
सोमवार को ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल, आसींद विधायक जब्बर सिंह और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के पुतले जलाकर जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जैतपुरा गांव को शीघ्र ही पालड़ी पंचायत में शामिल नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ग्रामीणों की एकमात्र मांग है कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जैतपुरा गांव को पालड़ी पंचायत में शामिल किया जाए।
