आसींद (मंजूर)। कस्बे में चार दशक बीत जाने के बावजूद अब तक रोडवेज बसों का नियमित संचालन शुरू नहीं हो पाया है। रोडवेज सेवा के अभाव में क्षेत्र के सभी प्रमुख मार्गों पर निजी बसों का ही बोलबाला बना हुआ है। इससे आम यात्रियों को मजबूरी में निजी बसों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
निजी बसों के संचालन से यात्रियों को जहां सीमित विकल्प मिलते हैं, वहीं महिलाओं को सरकार द्वारा रोडवेज बसों में दी जाने वाली किराया छूट का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। इससे महिला यात्रियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि आसींद कस्बे से दो राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं, इसके बावजूद यहां रोडवेज बस सेवा का अभाव है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि रोडवेज बसों का संचालन शुरू किया जाए तो यात्रियों को सस्ती, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिल सकेगा।
क्षेत्रवासियों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से रोडवेज बस सेवा शुरू कराने की मांग की है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जनता को उम्मीद है कि भविष्य में आसींद को रोडवेज बस सेवा से जोड़ा जाएगा, जिससे आमजन को राहत मिल सके।