बनेड़ा: सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी पर फूटा गुस्सा, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञाप
बनेड़ा (हलचल)। ब्लॉक के सरकारी अस्पतालों में व्याप्त अव्यवस्थाओं और चिकित्सकों की भारी कमी के विरोध में सोमवार को अखिल भारतीय मजदूर कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उपखंड मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बनेड़ा ब्लॉक मुख्यालय का अस्पताल अब केवल 'रेफरल सेंटर' बनकर रह गया है। आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के बजाय तुरंत जिला मुख्यालय रेफर कर दिया जाता है, जिससे कई बार मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।
एक सप्ताह में तीन मौतें, अव्यवस्थाओं का अंबार
संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष इब्राहिम पठान ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टरों की कमी के कारण पिछले एक सप्ताह में तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें मासूम बच्चे भी शामिल हैं। अस्पताल की बदहाली का आलम यह है कि:
आईसीयू का अभाव: गंभीर मरीजों के लिए अस्पताल में आईसीयू वार्ड तक उपलब्ध नहीं है।
बंद पड़ी मशीनें: अस्पताल में एक्सरे मशीन पिछले 4 माह से खराब पड़ी है, जिससे गरीब मरीजों को निजी सेंटरों पर जेब ढीली करनी पड़ रही है।
प्राइवेट प्रैक्टिस का बोलबाला: ज्ञापन देने पहुंचे नियाज़ मोहम्मद सीलावट ने कहा कि सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन डॉक्टर ड्यूटी के बजाय घरों पर प्राइवेट प्रैक्टिस को प्राथमिकता दे रहे हैं।
प्रमुख मांगें:
रिक्त पड़े चिकित्सकों के पदों पर तत्काल प्रभाव से स्थायी नियुक्तियां की जाएं।
एक्सरे मशीन को जल्द ठीक करवाकर चालू किया जाए।
ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई हो।
गंभीर मरीजों के लिए अस्पताल में आधुनिक जीवन रक्षक उपकरणों की व्यवस्था की जाए।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हुआ, तो आगामी दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
