जीवन की नीरसता ही डिप्रेशन है, भागवत की रसधार से ही मिटेगा मानसिक अवसाद: गौवत्स राधाकृष्ण महाराज

Update: 2026-03-31 11:45 GMT

भीलवाड़ा । परम पूज्य माधव गो विज्ञान अनुसंधान संस्थान एवं श्री सांवरिया सेठ मंदिर ट्रस्ट नौगांवा के तत्वावधान में आयोजित 'भागवत समरसता महोत्सव' अपने चरम पर है। महोत्सव के पांचवें दिन मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस कथा श्रृंखला में गौवत्स राधाकृष्ण महाराज ने नंदोत्सव और विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को जीवन का मर्म समझाया।

ज्ञान आचरण में उतरे, तभी कल्याण

महाराज श्री ने वर्तमान जीवनशैली पर प्रहार करते हुए कहा कि आज का मनुष्य ज्ञान तो बहुत रखता है, लेकिन उसका आचरण शून्य है। उन्होंने उदाहरण दिया कि जिस प्रकार जेब में रखी दवा तब तक लाभ नहीं पहुँचाती जब तक उसे ग्रहण न किया जाए, ठीक उसी प्रकार केवल धर्मग्रंथों को कंठस्थ करने से कल्याण नहीं होता। ज्ञान को आचरण में उतारना ही वास्तविक स्वास्थ्य लाभ है।

प्रभातफेरी में बही भक्ति की गंगा

मंगलवार सुबह दूधाधारी मंदिर से विशाल प्रभातफेरी निकाली गई। महाराज श्री ने इसे 'गिरिराज तीर्थ यात्रा' के समान पुण्य फलदायी बताया। उन्होंने भावविभोर होकर कहा कि सांवरिया सेठ का असली ठिकाना भक्तों के हृदय और वृंदावन की कुंज गलियों में है, जहाँ अनन्य प्रेम बसता है।

सोशल मीडिया और स्टेटस पर कटाक्ष

महाराज श्री ने चुटीले अंदाज में कहा कि आजकल लोग सोशल मीडिया पर संतों के विचारों के 'स्टेटस' तो लगाते हैं, लेकिन उन्हें अपने जीवन का 'स्टेटस' नहीं बना पाते। उन्होंने आह्वान किया कि सत्य को दूसरों को दिखाने के बजाय स्वयं के भीतर उतारें।

सुख की परिभाषा: पकौड़े बनाम एसी

सुख को परिभाषित करते हुए उन्होंने कहा कि आनंद सुविधाओं में नहीं, संतोष में है। बारिश में छत पर बैठकर पकौड़े खाने का जो सात्विक आनंद है, वह बंद कमरे के एयर कंडीशनर में कभी प्राप्त नहीं हो सकता।

युवा गोष्ठी और समरसता का संदेश

रामसनेही वाटिका में आयोजित 'युवा गोष्ठी' में महाराज श्री ने युवाओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया और मातृभाषा के महत्व पर जोर दिया। साथ ही, भगवान महावीर जन्मोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए अहिंसा का संदेश दिया।

विभिन्न समाजों ने लिया आशीर्वाद

ट्रस्ट अध्यक्ष गोविंद प्रसाद सोडाणी ने बताया कि कथा पंडाल में जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव सहित विभिन्न समाजों—वाल्मीकि, तेली, गाडुलिया, माहेश्वरी, योगी, शर्मा, सेन, जीनगर और बैरवा समाज के प्रतिनिधियों ने महाराज श्री का पूजन किया।

समरसता भोज और आगामी कार्यक्रम

संस्थान अध्यक्ष डी.पी. अग्रवाल एवं संयोजक मनीष बहेडिया ने बताया कि मंगलवार को आयोजित समरसता भोज हेतु श्रद्धालु अपने घरों से लापसी लेकर आए। गुरुवार को सुदामा चरित्र की कथा के साथ महोत्सव का समापन होगा। कथा स्थल तक पहुंचने के लिए प्रतिदिन रामधाम से सुबह 11 बजे बसें संचालित की जा रही हैं।

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