ग्राम पंचायत रामपुरिया को पंचायत समिति आसीन्द में जोड़ने की मांग, भूख हड़ताल की दी चेतावनी
भीलवाड़ा। नवगठित ग्राम पंचायत रामपुरिया को लेकर स्थानीय जनता में असंतोष है। ग्रामवासियों का कहना है कि उन्हें बिना विचार किए पंचायत समिति शम्भूगढ़ में जोड़ दिया गया है, जबकि भौगोलिक और प्रशासनिक दृष्टि से रामपुरिया का आसीन्द से अधिक घनिष्ठ संबंध है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ग्राम पंचायत रामपुरिया से आसीन्द की दूरी मात्र पांच किलोमीटर है, जबकि शम्भूगढ़ 11 किलोमीटर दूर है। ग्राम के सभी राजस्व ग्राम—बठेड़ा, केशरपुरा और केरियाखेड़ा—आसीन्द के निकट स्थित हैं। आसीन्द में ही तहसील, उपखण्ड कार्यालय, पुलिस थाना और समस्त ब्लॉक कार्यालय स्थित हैं। इस कारण ग्रामवासियों के लिए सरकारी सेवाओं का उपयोग करना आसान और सुविधाजनक है।
ग्रामीणों ने बताया कि शम्भूगढ़ में आने जाने के लिए आवागमन की सुविधा पर्याप्त नहीं है। इससे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, नरेगा से संबंधित कार्य और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी सेवाओं का उपयोग करना कठिन हो जाएगा।
ग्राम पंचायत रामपुरिया को पंचायत समिति शम्भूगढ़ में जोड़ने से वह सरकार के उद्देश्य—ग्रामीणों को सुविधाएं कम दूरी पर उपलब्ध कराने—के विपरीत होगा। इसीलिए ग्रामीणों ने मांग की है कि रामपुरिया को पुनः पंचायत समिति आसीन्द में शामिल किया जाए, अगर ऐसा नहीं किया गया तो भूख हड़ताल की जाएगी।