गुरु सेवा से पात्रता विकसित करें शिष्य, कष्ट को भी मानें ईश्वरीय कृपा: महंत शास्त्री

Update: 2026-01-10 12:30 GMT

 भीलवाड़ा। । ग्रीन पार्क स्थित   कुंज' में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन शनिवार को भक्ति और वैराग्य की अविरल धारा बही। कथा व्यास निंबार्क आश्रम के महंत मोहनशरण शास्त्री (वृंदावन) ने शिष्य की योग्यता और गुरु कृपा पर विशेष जोर देते हुए कहा, "गुरु की इतनी निस्वार्थ सेवा करो कि वे स्वयं तुम्हें शिष्य के रूप में स्वीकार करें। आपके भीतर इतनी पात्रता और योग्यता होनी चाहिए कि गुरु स्वयं कहें कि 'आ, मैं तुझे दीक्षा देता हूँ'। शास्त्री ने जीवन के दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अक्सर मनुष्य आनंद मिलने पर उसे अपने पुरुषार्थ का फल बताता है, लेकिन कष्ट आने पर भगवान को दोष देता है। उन्होंने आह्वान किया कि "जीवन में कोई भी कष्ट आए, उसे भी भगवान की कृपा ही मानना चाहिए। हमारी हर सफलता के पीछे परमात्मा का हाथ है, जिसे हम अक्सर भूल जाते हैं। ध्रुव चरित्र का मार्मिक वर्णन करते हुए कथा व्यास ने कहा कि ईश्वर प्राप्ति के लिए आयु नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और अटूट विश्वास की आवश्यकता होती है। जब पांच वर्ष का बालक ध्रुव सौतेली मां के कटु वचनों से विचलित न होकर परमात्मा को पा सकता है, तो सामान्य मनुष्य को भी सांसारिक दुखों से घबराने के बजाय हरि नाम का संबल लेना चाहिए। ध्रुव की तपस्या और भगवान के प्राकट्य पर पूरा पांडाल 'जय जगदीश' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

वामन अवतार की सजीव झांकी बनी आकर्षण

कथा के दौरान भगवान के वामन अवतार का प्रसंग विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। राजा बलि के अहंकार को चूर करने और देवताओं के कष्ट हरने के लिए जब भगवान ने बटुक ब्राह्मण का रूप धरकर तीन पग भूमि मांगी, तो श्रद्धालु इस लीला को देख भाव-विभोर हो उठे। मंच पर वामन अवतार की सजीव झांकी प्रकट होते ही श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर आरती उतारी। 'हरि सुमिरन में लाग रे' जैसे भजनों पर भक्त झूमकर नाचे। कथा में अतिथि के रूप में बाबाधाम अध्यक्ष विनीत अग्रवाल, स्वर्णकार समाज जिलाध्यक्ष उच्चब लाल स्वर्णकार, समाज के पूर्व नगर अध्यक्ष लादूलाल सोनी, कैलाश सोनी सहित कई प्रबुद्ध लोगों ने संत श्री से आशीर्वाद लिया। व्यास पीठ का पूजन प्रहलाद सोनी, श्याम सुंदर, अक्षत सोनी सहित गणमान्य नागरिकों ने किया। मंच संचालन हंसा व्यास ने किया।

रात्रि में 'नानी बाई का मायरा' का शुभारंभ

शनिवार शाम से तीन दिवसीय 'नानी बाई का मायरा' का भी भव्य शुभारंभ हुआ। गोवत्स शिव प्रकाश शास्त्री ने नरसी मेहता की अनन्य भक्ति का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान अपने भक्त के मान की रक्षा के लिए स्वयं दौड़े चले आते हैं। दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुए इस आयोजन में नरसी जी के भजनों पर महिलाएं जमकर झूमीं। यह आयोजन प्रतिदिन रात्रि 7:30 से 9:30 बजे तक चलेगा।

कल का विशेष आकर्षण

आयोजन प्रमुख शंभूदयाल व प्रहलाद सोनी ने बताया कि सोमवार को भागवत कथा में भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव (नंदोत्सव) अत्यंत धूमधाम से मनाया जाएगा। 

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