जल झूलनी ग्यारस पर भीलवाड़ा में भव्य श्याम संकीर्तन, भक्तों ने लिया श्याम बाबा का आशीर्वाद

Update: 2025-09-03 15:14 GMT


भीलवाड़ा, 

काशिपुरी धाम स्थित श्री श्याम मंदिर में जल झूलनी एकादशी (ग्यारस) के अवसर पर रविवार रात भव्य श्याम संकीर्तन का आयोजन हुआ। सुबह से देर रात तक श्याम बाबा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर परिसर “खाटू वाले श्याम बाबा की जय” के जयकारों से गूंज उठा, और भक्ति का अद्भुत माहौल बना।

पदयात्रा और भक्तों का उत्साह



 


इस पावन अवसर पर कई श्रद्धालु समूहों में पदयात्रा करते हुए मंदिर पहुंचे। जगह-जगह भक्तों का स्वागत किया गया, और उनका उत्साह देखते ही बनता था। मंदिर परिसर में श्याम नाम के भजनों और जयकारों ने आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया।


 


भजन गायकों ने बांधा समां



 


संकीर्तन में इंदौर से आए ख्यातनाम भजन गायक गोपाल परमार और महेंद्र पाटिल ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से वातावरण को श्याममय बना दिया।

गोपाल परमार ने “श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम” और “लखदातार के दर पे आया” जैसे भजनों से भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

महेंद्र पाटिल ने “मेरे श्याम आ जाओ” और “श्याम से लगन लगा ले रे” जैसे भजनों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

इन भजनों ने मंदिर परिसर को भक्ति रस में डुबो दिया, और श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर श्याम बाबा की भक्ति में लीन हो गए।

श्री श्याम सेवा समिति की भूमिका

श्री श्याम सेवा समिति के अध्यक्ष सुरेश पोद्दार ने कहा,

“श्याम बाबा की असीम कृपा से ही भक्तों के जीवन में सुख और शांति बनी रहती है। इस बार भी संकीर्तन में उमड़ी भीड़ बाबा की आस्था को दर्शाती है।”

मीडिया प्रभारी पंकज अग्रवाल ने बताया,

“जल झूलनी एकादशी पर आयोजित संकीर्तन हमेशा से भक्तों के लिए भक्ति और श्रद्धा का संगम रहा है। इस बार भीलवाड़ा ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।”

डिजिटल प्रसारण और समापन

आयोजन का सीधा प्रसारण श्री श्याम मंदिर, काशिपुरी भीलवाड़ा के आधिकारिक फेसबुक पेज पर किया गया, जिससे देश-विदेश में बसे श्याम भक्त भी इस भक्ति उत्सव का हिस्सा बन सके। संकीर्तन के बाद भगवान श्याम की आरती और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

भक्ति का अनूठा संगम

यह आयोजन न केवल भीलवाड़ा के लिए, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लिए भी भक्ति और आस्था का एक अनूठा संगम रहा। श्याम बाबा के भक्तों ने इस अवसर पर अपनी श्रद्धा और उत्साह का प्रदर्शन कर जल झूलनी ग्यारस को यादगार बना दिया।

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