हमीरगढ़ में विराट हिंदू सम्मेलन भव्यता और अनुशासन के साथ संपन्न

Update: 2026-01-22 11:35 GMT

हमीरगढ़ (राजाराम वैष्णव)। नगरपालिका हमीरगढ़ क्षेत्र में विराट हिंदू सम्मेलन अत्यंत भव्य, अनुशासित एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। सम्मेलन में हमीरगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए, जिससे पूरा क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रभाव से सराबोर नजर आया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विधि-विधानपूर्वक श्री रामलला पूजन, भारत माता पूजन, तुलसी पूजन एवं कन्या पूजन के साथ किया गया। इन पूजनों के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, पर्यावरण संरक्षण और नारी शक्ति के सम्मान का संदेश दिया गया। यह आयोजन हिंदू समाज में जनजागरण के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

सम्मेलन के अंतर्गत निकाली गई कलश यात्रा में महिलाएं सिर पर कलश धारण कर राष्ट्रभक्ति और पारंपरिक गीतों की धुन पर नाचते-गाते चल रही थीं। शोभायात्रा में युवाओं द्वारा किए गए अखाड़ा प्रदर्शन ने सभी का मन मोह लिया और उनके रोमांचक करतबों पर उपस्थित जनसमूह ने खूब वाहवाही की। इस दौरान भगवा पताकाएं लहराती रहीं और मातृशक्ति के जय श्री राम व भारत माता की जय के नारों से वातावरण देशभक्तिमय हो उठा।

कलश यात्रा काशी विश्वनाथ मंदिर से प्रारंभ होकर नया बाजार, सदर बाजार, होली का चौक और भीलवाड़ा दरवाजा होते हुए नृसिंह वाटिका पर संपन्न हुई। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह नागरिकों द्वारा पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।

नृसिंह वाटिका पहुंचने के पश्चात धर्मसभा का आयोजन किया गया। वक्ताओं के उद्बोधन से पूर्व प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने वातावरण को भक्तिमय और राष्ट्रभाव से ओतप्रोत कर दिया। धर्मसभा में नृसिंह मंदिर के महंत रामसागर दास, शिवराम दास एवं पूर्व संघ प्रचारक विनोद कुमार मेलाना का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ।

महंत रामसागर दास एवं शिवराम दास ने अपने उद्बोधन में कहा कि सनातन धर्म केवल आस्था नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी एकता है और आज आवश्यकता है कि जाति, क्षेत्र और भाषा से ऊपर उठकर धर्म और राष्ट्र के लिए एकजुट हुआ जाए। उन्होंने युवाओं से नशा, भटकाव और नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रहकर सेवा, संस्कार और साधना के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

महंतों ने नारी शक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि मां बच्चे की पहली गुरु होती है और मां की गोद ही संस्कारों की पहली पाठशाला है। यदि माताएं अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें, तो वही आगे चलकर सशक्त समाज और मजबूत राष्ट्र की नींव बनते हैं।

मुख्य वक्ता के रूप में संघ के विनोद कुमार मेलाना ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए हिंदू समाज की एकता, संस्कृति संरक्षण और सनातन मूल्यों को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने एक संगत और एक पंगत के भाव को अपनाने का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और युवाओं को अपनी संस्कृति से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है।

कार्यक्रम के अंत में राष्ट्र, धर्म और समाज की उन्नति के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई तथा सकल हिंदू समाज द्वारा सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हमीरगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों से सकल हिंदू समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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