भीलवाड़ा। मकर संक्रांति पर्व पर दान का महत्व विशेष रूप से बढ़ जाता है। इस शुभ अवसर पर केवल धन या वस्त्र का दान ही नहीं, बल्कि रक्त दान भी महादान माना जाता है। रक्तदान से पीड़ितों को नई जिंदगी मिलती है और उनके चेहरे पर मुस्कान लौटती है।
रक्तवीर विक्रम दाधीच ने बताया कि धन के दान से भी रक्तदान महादान माना गया है, क्योंकि यह सीधे किसी की जान बचाने में सहायक होता है। उन्होंने कहा कि समय पर पीड़ित को रक्त उपलब्ध कराना समाज सेवा का सर्वोत्तम रूप है।
हाल ही में महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती एक गंभीर महिला को फ्रेश रक्त प्लेटलेट की आवश्यकता पड़ी। इस दौरान मुकेश ओझा, मातृशक्ति सरोज कोगटा, मोहम्मद अकरम रंगरेज़ और मोहम्मद निसार ने अपना रक्त दान कर महिला की मदद की। उनके इस योगदान से पीड़ित महिला को जीवन देने में मदद मिली और उसे मुस्कान वापस मिली।
रक्तवीर विक्रम दाधीच ने रजतदान करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया और समाज को भी रक्तदान के महत्व को समझने और इसमें सहयोग करने की अपील की। इस प्रकार मकर संक्रांति पर्व पर रक्तदान ने जीवन दान का महत्वपूर्ण संदेश दिया।