सवाईपुर क्षेत्र में कुदरत का कहर: अंधड़ और बारिश के साथ गिरे ओले, किसानों की उम्मीदों पर फिरा पानी

Update: 2026-04-08 06:19 GMT

सवाईपुर (सांवर वैष्णव)। सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ ने मंगलवार मध्य रात्रि को सवाईपुर क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। अचानक बदले मौसम के मिजाज के कारण तेज अंधड़ के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। इस दौरान कई गांवों में चने के आकार के ओले भी गिरे, जिससे खेतों में कटी पड़ी फसलें पूरी तरह भीग गईं। बेमौसम की इस मार से किसान वर्ग की चिंताएं बढ़ गई हैं और फसल खराबे की आशंका से वे हताश नजर आ रहे हैं।

क्षेत्र के सोपुरा, जाटों का खेड़ा, ढ़ेलाणा, सालरिया, बड़ला, बनकाखेड़ा, चावंडिया, ककरोलिया माफी, लसाडिया, रेड़वास, रघुनाथपुरा, कुड़ी, बोरखेड़ा, खजीना, होलिरड़ा, खरेड़, पिथास, सोलंकिया का खेड़ा, कांदा और रुपाहेली सहित दर्जनों गांवों में देर रात जमकर मेघ बरसे।

कटी फसलों को भारी नुकसान, रंग पड़ेगा फीका

ढ़ेलाणा निवासी किसान हीरालाल जाट ने बताया कि आधी रात को अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई। इस समय खेतों में गेहूं, चना और जौ की फसलें काटकर इकट्ठा की हुई थीं, जो पानी में डूब गईं। किसानों का कहना है कि भीगने के कारण अब अनाज का रंग फीका पड़ जाएगा, जिससे बाजार में उन्हें उपज का सही दाम नहीं मिल पाएगा।

"राम रूठा, अब राज से आस"

हाथ आई फसल के बर्बाद होने से दुखी किसानों ने कहा कि "राम तो रूठ गया है, अब केवल राज (सरकार) से ही उम्मीद बची है।" पीड़ित किसानों ने राज्य सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द गिरदावरी करवाकर खराबे का उचित मुआवजा दिलाया जाए ताकि उन्हें आर्थिक संबल मिल सके।

Similar News

राजस्थान में कुदरत के दो रंग: भीलवाड़ा में तड़के तेज बारिश से सड़कें तरबतर,: प्रदेश के कई हिस्सों में ओलावृष्टि का अलर्ट,कल से आसमान रहेगा साफ