देवझूलनी एकादशी पर कोटडी, सांवलिया सेठ व चारभुजाजी की निकली भव्य शोभायात्राएं, बारिश में भी भक्तों का उत्साह चरम पर
भीलवाड़ा। देवझूलनी एकादशी के पावन अवसर पर बुधवार को कोटड़ी श्याम (भीलवाड़ा), चारभुजा (राजसमंद) और सांवालिया सेठ (चित्तौड़गढ़) के मंदिरों से भगवान नगर भ्रमण पर निकले। तीनों स्थानों पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक रहा। सुबह मंगला आरती के बाद मंदिरों में विशेष शृंगार और पूजन हुआ।
राजसमंद के प्रसिद्ध चारभुजा मंदिर में ठाकुर जी को पहले सोने के घड़े से स्नान करवाया गया, इसके बाद उन्हें हीरे-मोती से जड़े विशेष आभूषण पहनाकर सुसज्जित किया गया। यह दिव्य शृंगार वर्ष में केवल दो बार ही होता है। ठाकुर जी चांदी की बंदूक और सोने के रथ में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले। पुजारी परिवार सोने-चांदी के अस्त्र-शस्त्रों के साथ शोभायात्रा में शामिल हुआ। जैसे ही रथ नगर भ्रमण पर निकला, भक्तों ने गुलाल उड़ाकर स्वागत किया।
चित्तौड़गढ़ में सांवलिया सेठ भी चांदी के रथ में सवार होकर भक्तों के दर्शनार्थ निकले। शोभायात्रा में नासिक से आए कलाकारों ने ढोल पर चढ़कर हैरतअंगेज करतब दिखाए। बारिश के बावजूद भक्तों का जोश कम नहीं हुआ। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने नाच-गाकर स्वागत किया और भक्ति में सराबोर दिखे।
भीलवाड़ा के कोटड़ी श्याम मंदिर से भी भगवान की भव्य सवारी निकाली गई। इन शोभायात्राओं में शामिल होने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु उमड़े और देवझूलनी एकादशी का पर्व आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया।