भक्ति की धारा में डूबा रामनिवास धाम, अखंड वाणी पाठ ने रचा आस्था का इतिहास
शाहपुरा-मूलचन्द पेसवानी। शाहपुरा की पावन धरती इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और साधना की सुगंध से महक उठी है। अंतरराष्ट्रीय श्री रामस्नेही संप्रदाय के वार्षिकोत्सव फूलडोल महोत्सव के दौरान श्री रामनिवास धाम में आयोजित अखंड वाणी पाठ ने श्रद्धालुओं के हृदय को रामनाम के रस में सराबोर कर दिया। जैसे ही धाम परिसर में वाणी की मधुर गूंज उठी, वातावरण तपस्या और तन्मयता से जगमगा उठा।
रामस्नेही सेवा समिति जिला टोंक के तत्वावधान में संपन्न इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। समिति के अध्यक्ष रामनारायण विजयवर्गीय मालपुरा ने बताया कि संप्रदाय के वर्तमान पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामदयाल जी महाराज के पावन आशीर्वाद से अणभैवाणी जी का अखंड पाठ अप्रैल 2017 से निरंतर चला आ रहा है। यह साधना परंपरा अब श्रद्धा की ऐसी मशाल बन चुकी है, जो हर वर्ष आस्था की लौ को और तेज कर देती है।
इस वर्ष 111वां अखंड वाणी पाठ 27 फरवरी 2026 को शुभारंभ हुआ और आज 2 मार्च 2026 को श्री रामनिवास धाम में आचार्यश्री के सानिध्य में इसकी पूर्णाहुति हुई। तीन दिनों तक निरंतर गूंजती वाणी ने ऐसा समां बांधा कि श्रद्धालु समय का भान भूलकर भक्ति रस में डूबे नजर आए। धाम परिसर में “राम सनेही” भाव की ऐसी बयार चली कि हर श्रोता का मन झूम उठा।
फूलडोल महोत्सव के इस पावन अवसर पर अखंड वाणी पाठ का आयोजन संप्रदाय की जीवंत परंपरा और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक बनकर उभरा। साधना, सेवा और समर्पण का यह संगम न केवल श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति दे गया, बल्कि शाहपुरा को भक्ति की राजधानी बना गया। आज रामनिवास धाम में भक्ति का जो महासंगीत गूंजा, उसने यह साबित कर दिया कि जब वाणी निरंतर बहती है, तब आत्मा को परम शांति मिलती है और नगर का कण-कण अध्यात्म से भर उठता है।