हाथीभाटा महंत के सानिध्य में संपन्न हुई प्रतियोगिता

Update: 2026-02-20 09:21 GMT

 

भीलवाड़ा  । सुवाणा के मातेश्वरी गौशाला परिसर में आयोजित 'भगवान श्री बलराम रस्साकशी प्रतियोगिता' का रोमांच शुक्रवार को खिताबी मुकाबले के साथ संपन्न हुआ। दूधिया रोशनी में खेले गए इस महाकुंभ के फाइनल में सुवाणा की टीम ने अपने अदम्य साहस और 'जोर' का लोहा मनवाते हुए आटूण को पराजित कर खिताबी जीत हासिल की। विजेता टीम ने 1 लाख रुपये का नकद पुरस्कार अपने नाम किया।

सेमीफाइनल से फाइनल तक का सफर

प्रतियोगिता के नॉकआउट दौर में पांसल, सुवाणा, पालड़ी और आटूण की टीमों ने सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। कड़े संघर्ष के बाद फाइनल की जंग सुवाणा और आटूण के बीच हुई, जिसमें सुवाणा विजेता रही। वहीं, तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में पालड़ी ने अपनी ताकत दिखाते हुए जीत दर्ज की और तृतीय पुरस्कार पर कब्जा जमाया।

अनोखी पहल: माता-पिता को दिया मुख्य अतिथि का सम्मान

स्वामी विवेकानंद युवा संस्थान द्वारा आयोजित इस दंगल में समरसता और संस्कारों की अनूठी झलक देखने को मिली। आयोजन समिति ने किसी राजनेता या विशिष्ट व्यक्ति के बजाय खिलाड़ियों के माता-पिता को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। युवाओं ने अपने माता-पिता के चरण स्पर्श कर जीत का आशीर्वाद लिया, जो पूरे खेल जगत के लिए एक प्रेरक संदेश बन गया।

संतों का सानिध्य और युवाओं का जोश

कार्यक्रम हाथीभाटा आश्रम के महंत संत दास  महाराज के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ। अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा ने की। महाराज   ने युवाओं को नशे से दूर रहने और खेलों के माध्यम से राष्ट्र सेवा करने की सीख दी।

प्रतियोगिता के संयोजक रामपाल चौधरी (पांसल) ने बताया कि विजेताओं को कुल 1.72 लाख रुपये के नकद पुरस्कार वितरित किए गए:

* प्रथम (सुवाणा): 1,00,000 रुपये

* द्वितीय (आटूण): 51,000 रुपये

* तृतीय (पालड़ी): 21,000 रुपये

मैदान पर 'जय बलराम' के जयकारों के साथ हजारों की भीड़ ने विजेताओं का उत्साहवर्धन किया। समापन समारोह में ग्रामीणों ने विजेता टीमों का फूल-मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया। इधर आयोजक रामपाल चौधरी ने दो महीने संघर्ष करने वाली आयोजन समिति के सदस्यों को विशिष्ट अतिथि बनाकर मंच पर बुलाकर सम्मानित किया और ख़ुद ने मैच रेफ़री बनकर मैच की शुरुआत कराई। भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला महामंत्री सज्जन सुथार ने आयोजक रामपाल चौधरी के माता पिता को भगवान बलराम जी और रामपाल चौधरी के रस्साकशी का मोमेंटो देकर सम्मानित किया।

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