भगवानपुरा ( कैलाश शर्मा ) जिस गांव का नाम भगवानपुरा हो और भक्ति और श्रृद्धा का संगम जहां हो वहां वातावरण तो धर्ममय हो ही जाता है और चप्पे-चप्पे पर हर जगह हर गली हर मोहल्ले में वातावरण भी धर्ममय हो ऐसे कार्यक्रम होने से निश्चित रूप से गांव की दशा और दिशा दोनों बदल जाती है । इसमें कोई संशय नहीं । जी हां ऐसा ही भगवानपुरा में रविवार को देखने को मिला जहां हनुमान जी के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की वर्षगांठ पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित की किए गए । पूर्व संध्या पर विशाल भजन संध्या आयोजित की गई जिसमें प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियां तो दी लेकिन चलचित्र के माध्यम से व नाट्य कलाओं के माध्यम से भी श्रोताओं को मंत्र मुक्त कर दिया और इतना ही नहीं देर रात्रि तक वहां डटे रहने पर मजबूर भी कर दिया वहीं रविवार प्रातः काल से ही समूचे गांव के प्रत्येक गली मोहल्ले में जगह-जगह प्रभात फेरियो का महासंगम हुआ जिसमे 101 प्रभात फेरियो को आमंत्रित किया जहां 81 गॉवो की प्रभात फेरियो के महासंगम ने कहीं भजनों की बौछारें तो कहीं रामधुन की आवाजे कही कही तो प्रभात फेरी के भक्तों ने घरों के बाहर बैठकर मोहल्ले को ही धर्ममय कर दिया । इधर भक्तों ने भी आए हुए अतिथियों का स्वागत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जहां कहीं मिल्क रोज तो कहीं बिस्किट तो कहीं फल फ्रूट तो कहीं चॉकलेट और जो भक्तों के मन में आया वही श्रद्धा से उन्होंने सभी प्रभात फेरियो के महासंगम में आए हुए अतिथियों को अल्पाहार के रूप में उपलब्ध कराया इस वातावरण से समूचा भगवानपुरा धर्ममय हो गया कहीं जुलुस चल रहे थे भगवान हनुमान जी की प्रतिमा के साथ नाट्य कलाओं के रूप में अनेक तरह के सॉग बनाकर हनुमान जी के साथ राम लक्ष्मण सीता भगवान शंकर की आकर्षक झांकियां व सुरक्षा के वेश में बाल कलाकार राक्षस बनकर जुलूस के दौरान घूम रहे थे जो कि दर्शको के लिए आकर्षण के केन्द्र रहे।अंत में कार्यक्रम की समाप्ति पर महाप्रसाद का आयोजन किया गयाऔर सभी भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया।