भीलवाड़ा -श्री गुरू गोबिन्द सिंह महाराज का प्रकाश पर्व (जन्मोत्सव) उत्साह एवं श्रद्धा से मनाया गया। इस अवसर पर सिन्धुनगर स्थित गुरूद्वारा साहिब में विशेष धार्मिक आयोजन हुए।
सचिव ऋषिपाल सिंह ने बताया कि प्रातः 5:30 बजे से गुरूद्वारा साहिब में सेवा और कीर्तन आरंभ हो गए। गुरूपर्व के उपलक्ष में रखे हुए श्री अखंड पाठ साहिब की संपूर्णता हुई। इस अवसर पर महिलाओं एवं बच्चों ने भी गुरबाणी शब्द कीर्तन किया। लुधियाना पंजाब से आए कीर्तनी जत्थे भाई अमनदीप सिंह जी और साथियों ने संगत को गुरबाणी कीर्तन द्वारा निहाल किया।
सभी रागी जत्थों को प्रबन्धक कमेटी द्वारा सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया। गुरुद्वारा साहिब के सेवादारों को भी सम्मानित किया गया।
भीलवाड़ा के ज्ञानी करनैल सिंह, सुखबीर सिंह ने भी हाजिरी लगाई।
शब्द - (1) ’’तुम हो सभ राजन के राजा आपे आप गरीब निवाजा’’,
(2) ’’तही प्रकाश हमारा भयो पटना शहर विखे भव लयो’’,
शब्द की व्याख्या करते हुए ज्ञानी जी ने बताया कि गुरू गोबिंद सिंह का जन्म सन् 1666 में पटना (बिहार) में हुआ था। गुरूजी ने सभी धर्मों को मानवता का संदेश दिया।
गुरू गोबिन्द सिंह ने देश एवं धर्म की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया। गुरूजी के दो बड़े पुत्र जंग के मैदान में शहीद हुए और दो छोटे पुत्रों को मुगल क्रूर शासक ने जिन्दा दीवारों में चिनवाकर शहीद किया।
गुरूजी ने खालसा पंथ सजाया और ऊंच-नीच एवं भेदभाव समाप्त किया। कीर्तन दीवान दोपहर 3 बजे तक हुए, हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरू ग्रंथ साहिब जी को मत्था टेका और लंगर प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर विधायक अशोक जी कोठारी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं संगठन कार्यक्रम में शामिल हुये।
कमेटी के गुरप्रीत सिंह ने बताया कि रात के विशेष कीर्तन दीवान 7:30 से 9:30 तक हुए जिसमे गुरमत प्रतियोगिता में शामिल हुए बच्चों को सम्मानित किया गया। खालसा सेवा संस्थान द्वारा गर्म दूध की सेवा की गई। समाप्ति के उपरान्त प्रसाद वितरित किया गया।
सभी ने एक दूसरे को गुरुपर्व की बधाई दी और अपने घरों में लाइटिंग, रोशनी कर खुशी प्रकट की।
गुरूद्वारा अध्यक्ष इन्द्रपाल सिंह सोनी ने सभी को प्रकाश पर्व की बधाई दी और बताया कि रविवार 11 जनवरी 2026 को माण्डल स्थित बागौर साहिब में प्रकाश पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा।
गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी के इकबाल सिंह, गौरव सिंह नागपाल, दर्शन सिंह, मनिन्दर सिंह, जसमीत सिंह, नवजोत सिंह, श्रवण सिंह, मनप्रीत सिंह शामिल थे।
