महिला ने सौतेले परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए, एसपी से मुकदमा दर्ज कर मेडिकल कराने की मांग
भीलवाड़ा (पुनीत जैैन)। छापरी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने अपने सौतेले परिजनों पर मारपीट, धमकी और जमीन हड़पने के प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपा है। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी करने और स्वयं का मेडिकल करवाने की मांग की है।
प्रार्थीया देउ गाडरी पुत्री रामलाल गाडरी ने बताया कि वह वर्तमान में गंगरार, जिला चित्तौड़गढ़ में निवास कर रही है। उसकी माता लंबे समय से लकवाग्रस्त है, जिनकी सेवा-सुश्रुषा वह कठिन परिस्थितियों में कर रही है। पीड़िता का आरोप है कि उसके पिता रामलाल गाडरी ने वर्षों पूर्व नाता विवाह किया था, जिसके बाद सौतेली मां मांगी देवी और उनके पुत्र शंकर लाल, देवी लाल और राधेश्याम गाडरी आए दिन उसके साथ गाली-गलौच और मारपीट करते हैं।
पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे पैतृक घर और जमीन से बेदखल करना चाहते हैं तथा उसकी रकम भी हड़प ली गई है। जब वह अपनी बीमार मां की सेवा अपने साथ रखकर कर रही थी, तब भी आरोपी लगातार फोन कर गाली-गलौच और धमकियां देते रहे।
शिकायत के अनुसार 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति के अवसर पर उसे त्योहार के बहाने छापरी स्थित पीहर बुलाया गया। पीड़िता का आरोप है कि यह पूर्व नियोजित साजिश थी। जैसे ही वह घर के अंदर गई, आरोपियों ने गेट बंद कर उसे कमरे में ले जाकर बेरहमी से मारपीट की। उसे धक्का देकर गिराया गया, लात-घूंसों और लकड़ी से सिर पर वार किया गया, बाल पकड़कर घसीटा गया और कपड़े फाड़ दिए गए।
पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान शंकर लाल ने जमीन पर दावा छोड़ने और कानूनी कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया, जिससे उसकी जान बच सकी।
पीड़िता ने बताया कि आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और उनके खिलाफ पूर्व में भी मुकदमे चल रहे हैं। वह और उसकी माता भय के साये में जीवन जीने को मजबूर हैं तथा किसी भी समय गंभीर वारदात की आशंका है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने, गिरफ्तारी कराने और स्वयं का अविलंब मेडिकल कराने की मांग की है।
