इंसान की यह जिंदगी आनी जानी है। बन बन के बिगड़ना ही जीवन की कहानी है

By :  vijay
Update: 2026-03-16 18:43 GMT

भीलवाड़ा(रमेश चद्र डाड )श्रीमद् भागवत कथा 11 से 17 मार्च तक ऋष्य श्रृंग संस्थान, हरणी महादेव रोड, भीलवाड़ा में कथावाचक ने श्री कृष्ण रास लीला, रुक्मिणी विवाह अद्भुत प्रसंग वर्णन किया ।

छठे दिन कथावाचक भगवतीकृष्ण महाराज ने वाचन कहा कि इंसान की यह जिंदगी आनी जानी है। बन बन के बिगड़ना ही जीवन की कहानी है। मनुष्य जो हो रहा है वह ईश्वर पर छोड़ दे तो जीवन आनंदित हो जाएगा। गिरिराज धरन, प्रभु तुमरी शरण, श्रीजी तुमरी शरण। श्री गोवर्धन महाराज तेरे माथे मुकुट बिराज रहियो, 7 कोश की परिक्रमा तेरे। ऐसा सजा दो मुझको जहां कोई ना पहचान सके से पूरा पांडाल भक्तिमयता से झूम उठा। श्री कृष्ण रास लीला ने भक्तों को खूब लुभाया। मनुष्य जिस दिन यह सोचने लगे कि जो हो रहा ओर जो होगा वह मेरा ठाकुर कर रहा है तो जीवन आनंदित हो जाएगा।

विशेष अनुग्रह श्रीमती अरुणा पारीक (धर्मपत्नी) आयोजक हर्षवर्धन, प्रहलाद, बालमुकुंद, बालस्वरूप, रविशंकर, विवेक पारीक एवं समस्त पारीक परिवार (खजूरी वाले) भीलवाड़ा ने बताया कि स्व. श्री जगदीश प्रसाद पारीक की पावन पुण्य स्मृति में मेवाड़ धरा के सुप्रसिद्ध अथर्ववेदाचार्य श्रद्धेय कथावाचक भगवती कृष्ण महाराज के मुखारविंद द्वारा पितृ मोक्षदायिनी श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। श्रीमद् भागवत कथा पूर्णाहुति पर मंगलवार को पारीक परिवार द्वारा अधिक से अधिक कथा श्रवण करने भक्तों को पहुंचने का आव्हान किया जा रहा है।

कथावाचक श्री भगवत कृष्ण महाराज द्वारा हरिनाम ट्रस्ट संचालित है जिसके तहत हिमाचल प्रदेश में 17 से 26 मई तक सशुल्क कथा का आयोजन होगा। जिनके रजिस्ट्रेशन प्रारंभ हो गए हैं।

Similar News