तमिलनाडु में नीली अर्थव्यवस्था पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित, भीलवाड़ा के राज जांगिड हुए सम्मानित
भीलवाड़ा। तमिलनाडु के थूथुकुडी (तुतिकोरिन) में बर्ड लखनऊ एवं नाबार्ड के संयुक्त तत्वाधान में सतत और लचीली आजीविका के लिए नीली अर्थव्यवस्था पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सत्या रिसोर्ट एंड होटल में आयोजित किया गया।
भीलवाड़ा के राज जांगिड को अपने बेहतरीन आइडिया और प्रशिक्षण तकनीक के लिए सम्मानित किया गया। प्रशिक्षण में बर्ड लखनऊ के डीजीएम फैकल्टी मेंबर अनीश कुमार, नाबार्ड डीडीएम तूतीकोरिन सुरेश रामालिंगम और आईसीएआर के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने तटीय समुदायों और सतत मत्स्य पालन प्रबंधन को सशक्त बनाने, डिजिटल गवर्नेंस और ट्रेसबिलिटी के साथ तटीय जलीय कृषि और समुद्री संस्कृति का विस्तार, जलवायु-लचीले तटीय गांवों का विकास, आधुनिक बुनियादी ढांचे में निवेश और महासागर आधारित नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने, पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली और संरक्षण, पीएमएसएसवाई, एफआईडीएफ आदि के माध्यम से क्षमता निर्माण और कौशल विकास जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
तूतीकोरिन में आइलैंड परियोजना के तहत विभिन्न स्थानों पर फील्ड विजिट के माध्यम से प्रतिभागियों को मत्स्य पालन से जुड़ी आजीविका के अवसरों से अवगत कराया गया। देशभर से 30 प्रतिभागियों का चयन बर्ड लखनऊ द्वारा इस कार्यक्रम के लिए किया गया था, जिसमें भीलवाड़ा, राजस्थान से राज जांगिड और पप्पू लाल कुम्हार शामिल हुए।
प्रशिक्षण का समापन 4 फरवरी को हुआ और यह कार्यक्रम तटीय समुदायों के लिए सतत और लचीली आजीविका को बढ़ावा देने में सहायक माना जा रहा है।