मां की इच्छा पूरी करने बेटों ने 15 किमी कावड़ में बैठाकर कराए मंदिर दर्शन

Update: 2026-02-12 11:13 GMT

भीलवाड़ा। जिले के आसींद क्षेत्र में मातृभक्ति की अनोखी मिसाल सामने आई है। बेटों ने अपनी 80 वर्षीय दृष्टिहीन मां की इच्छा पूरी करने के लिए उन्हें कावड़ में बैठाकर 15 किलोमीटर पैदल यात्रा की और सागनी गांव स्थित आंजना देव मंदिर में दर्शन करवाए।

दूधिया गांव निवासी भंवर नाथ (35) ने अपनी मां सोहनी देवी (80) की लंबे समय से चली आ रही इच्छा को पूरा करने का संकल्प लिया। सोहनी देवी की आंखों की रोशनी करीब पांच वर्ष पहले चली गई थी। इसके बावजूद उनकी आंजना देव मंदिर में दर्शन करने की इच्छा बनी हुई थी। मां की इच्छा को आदेश मानते हुए भंवर नाथ ने विशेष कावड़ तैयार करवाई, जिसमें मां को झूले के रूप में आराम से बैठाया गया ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।

यात्रा के दौरान मां के पास उनके दिवंगत पति उदय नाथ की तस्वीर भी रखी गई। उदय नाथ का 32 वर्ष पूर्व हृदयाघात से निधन हो गया था। परिवार ने मंदिर में उनके नाम से भी दर्शन किए।

इस कावड़ यात्रा में भंवर नाथ के साथ उनकी पत्नी फूली देवी (33), जुड़वा बेटे करण नाथ (13) और अर्जुन नाथ (13), भाई प्रेमनाथ (50) व जीवराज नाथ (48) तथा प्रेमनाथ के पुत्र प्रहलाद नाथ (27) भी शामिल रहे। पूरा परिवार गाजे-बाजे और श्रद्धा के साथ दूधिया गांव से सागनी गांव तक पैदल पहुंचा।

भंवर नाथ ने बताया कि मां की इच्छा उनके लिए आदेश के समान है। जब मां ने दर्शन की बात कही तो उन्होंने तय किया कि चाहे जितनी भी मेहनत करनी पड़े, उनकी इच्छा अवश्य पूरी की जाएगी। उन्होंने इस उद्देश्य से अहमदाबाद से विशेष रूप से बांस की कावड़ बनवाकर मंगवाई।

मां-बेटे के इस समर्पण और प्रेम की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है। ग्रामीण इसे मातृभक्ति की प्रेरणादायक मिसाल के रूप में देख रहे हैं।

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