नेशनल इंटेलिजेंस काउंसिल की रिपोर्ट: ईरान में सत्ता परिवर्तन की राह नहीं आसान, ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल

Update: 2026-03-07 17:08 GMT


वाशिंगटन/तेहरान। अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस काउंसिल (NIC) की एक हालिया रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में हलचल मचा दी है। इस रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा किया गया है कि यदि अमेरिका, ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला भी करता है, तब भी वहां की वर्तमान सरकार को सत्ता से हटाना आसान नहीं होगा। यह निष्कर्ष ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन ईरान के खिलाफ एक लंबे सैन्य अभियान की चेतावनी दे रहा है।

मजबूत सैन्य ढांचा और धार्मिक नेतृत्व बड़ी बाधा

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की सैन्य शक्ति और वहां की धार्मिक नेतृत्व वाली व्यवस्था की जड़ें बहुत गहरी हैं। खुफिया आकलन में कहा गया है कि यदि अमेरिका शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाता है या सुप्रीम लीडर अली खामनेई की हत्या भी कर दी जाती है, तब भी ईरान की व्यवस्था में ऐसे कड़े प्रोटोकॉल मौजूद हैं जो सत्ता को बिखरने नहीं देंगे।

‘द वाशिंगटन पोस्ट’ ने इस रिपोर्ट की पुष्टि करते हुए बताया कि 18 अलग-अलग अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर यह विश्लेषण तैयार किया गया है। रिपोर्ट का सबसे अहम पहलू यह है कि ईरान का वर्तमान विपक्ष अभी इस स्थिति में नहीं है कि वह सत्ता की बागडोर संभाल सके।

इजराइल-अमेरिका युद्ध से पहले ही तैयार था आकलन

दिलचस्प बात यह है कि नेशनल इंटेलिजेंस काउंसिल ने यह आकलन 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा शुरू किए गए सैन्य अभियान से लगभग एक सप्ताह पहले ही तैयार कर लिया था। खुफिया अधिकारियों का मानना है कि ईरान के सुरक्षा बलों के भीतर अभी तक ऐसी कोई बड़ी दरार नहीं दिखी है, जिससे विद्रोह की स्थिति पैदा हो सके।

एक्सपर्ट्स और अधिकारियों की प्रतिक्रिया

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "ईरान के अगले नेता को चुनने में ट्रंप की कोई भूमिका नहीं होगी। ईरान की किस्मत का फैसला केवल यहां की जनता करेगी, कोई बाहरी ताकत नहीं।"

विशेषज्ञों का भी मानना है कि ट्रंप प्रशासन की क्षमताएं ईरान के आंतरिक राजनीतिक समीकरणों को बदलने में सीमित हैं।

होली डाग्रेस (सीनियर फेलो, वॉशिंगटन इंस्टीट्यूट): ईरान के धार्मिक नेता दशकों से अमेरिकी हस्तक्षेप का विरोध करते रहे हैं, वे दबाव में झुकने वाले नहीं हैं।

मैलोनी (विशेषज्ञ, ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन): फिलहाल ईरान के भीतर कोई भी वैकल्पिक शक्ति इतनी मजबूत नहीं है जो वर्तमान सरकार के प्रभुत्व को चुनौती दे सके।

फिलहाल, सीआईए (CIA) और व्हाइट हाउस ने इस लीक हुई रिपोर्ट पर आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है, लेकिन इस खुलासे ने ट्रंप सरकार की 'सत्ता परिवर्तन' (Regime Change) की योजना पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।

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