ट्रंप के लिए 'सिरदर्द' बनता ईरान युद्ध: 17वें दिन भी अमेरिका लक्ष्य से दूर, राजनीतिक समाधान की बढ़ी सुगबुगाहट
नई दिल्ली। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किया गया सैन्य अभियान अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक चुनौती बनता जा रहा है। सोमवार, 16 मार्च 2026 को यह युद्ध अपने 17वें दिन में प्रवेश कर गया है, लेकिन धरातल पर अब तक अमेरिका को वह निर्णायक सफलता नहीं मिली है जिसकी ट्रंप ने घोषणा की थी। व्हाइट हाउस के गलियारों में अब सैन्य कार्रवाई के बजाय राजनीतिक समाधान (Political Solution) की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
ट्रंप की अपील पर दुनिया का 'ठंडा' रिस्पॉन्स
राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वीकार किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में तेल के जहाजों की सुरक्षा और आवाजाही बहाल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। ट्रंप ने कहा:
"हमने कई देशों की सालों तक सुरक्षा की है और उन्हें भयानक खतरों से बचाया है, लेकिन अब जब होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने की बारी आई है, तो वे ज्यादा उत्साहित नहीं दिख रहे हैं। जबकि उनके तेल का 90% हिस्सा यहीं से गुजरता है।"
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका अब इस मुद्दे पर दुनिया की "चौकीदारी" अकेले करने के मूड में नहीं है और अन्य देशों को अपनी जिम्मेदारी खुद उठानी होगी।
बदले सुर: सैन्य कार्रवाई से राजनीतिक बातचीत की ओर
युद्ध की शुरुआत में ईरान को "पूरी तरह तबाह" करने की चेतावनी देने वाले ट्रंप के सुर अब बदलते नजर आ रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संघर्ष का कोई स्थायी सैन्य समाधान संभव नहीं है, बल्कि एक राजनीतिक समाधान ही एकमात्र रास्ता है। विश्लेषक इसे ट्रंप द्वारा युद्ध से गरिमापूर्ण तरीके से "पाँव पीछे खींचने" की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं।
17वें दिन के भयावह हमले: दुबई एयरपोर्ट और तेहरान पर बमबारी
भले ही बातचीत की चर्चा हो रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी खौफनाक है:
दुबई एयरपोर्ट पर हमला: सोमवार तड़के ईरान ने यूएई और दुबई के हवाई अड्डों को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमले किए। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक ईंधन टैंक में आग लग गई, जिससे विमानों का परिचालन घंटों बाधित रहा।
इजरायल का तेहरान पर वार: इजरायल ने तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर भीषण बमबारी की। इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया है कि इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर (अली खामेनेई) द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले विशेष विमान को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है।
होर्मुज में संकट: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग बंद कर रखा है, जिससे वैश्विक तेल बाजार में हाहाकार मचा हुआ है और कीमतें $100 के पार पहुँच गई हैं।
ट्रंप के लिए अब चुनौती यह है कि वे बिना किसी बड़े नुकसान के इस युद्ध को कैसे समाप्त करते हैं, क्योंकि घरेलू स्तर पर भी इस युद्ध को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं।
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