राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ नाकाम
जम्मू-कश्मीर में इतवार आज शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा (LoC) से सटे कई इलाकों में एक के बाद एक संदिग्ध ड्रोन देखे गए. सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों के अग्रिम क्षेत्रों में ड्रोन की इन गतिविधियों के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गईं और जमीन पर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया.
अधिकारियों के मुताबिक, कम से कम पांच अलग-अलग जगहों पर ड्रोन जैसी उड़ने वाली वस्तुएं देखी गईं. सभी ड्रोन पाकिस्तान की तरफ से आए, कुछ मिनट तक भारतीय क्षेत्र के ऊपर मंडराए और फिर वापस पाकिस्तान की ओर लौट गए. सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि ड्रोन के जरिए हथियार या कोई प्रतिबंधित सामग्री गिराने की कोशिश की जा सकती थी.
राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा के पास नौशेरा सेक्टर के गनिया-कलसियां गांव के ऊपर शाम करीब 6 बजकर 35 मिनट पर एक ड्रोन देखा गया. सेना के जवानों ने इसे देखते ही मध्यम और हल्की मशीनगनों से फायरिंग की. इसी समय राजौरी जिले के तेरियाथ इलाके के खब्बर गांव के पास भी एक और ड्रोन जैसी वस्तु नजर आई, जिसमें ब्लिंकिंग लाइट दिख रही थी.
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, यह उड़ने वाली वस्तु कालाकोट के धर्मसाल गांव की दिशा से आई थी और भरख की ओर बढ़ते हुए ओझल हो गई. इसके कुछ देर बाद शाम करीब 7 बजकर 15 मिनट पर सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर के चक बाबराल गांव के ऊपर भी एक ड्रोन जैसी वस्तु कुछ मिनट तक मंडराती हुई देखी गई. पुंछ जिले में भी इसी तरह की गतिविधि सामने आई. अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार शाम करीब 6 बजकर 35 मिनट पर नियंत्रण रेखा पर स्थित मनकोट सेक्टर के तैन से टोपा इलाके की ओर बढ़ती हुई एक ड्रोन जैसी वस्तु देखी गई थी.
इन सभी घटनाओं के बाद सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान शुरू किया. संदिग्ध ड्रॉप जोन माने जा रहे इलाकों में देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलता रहा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं किसी ड्रोन से हथियार या कोई और संदिग्ध सामग्री तो नहीं गिराई गई.
इससे पहले शुक्रवार रात को सांबा जिले से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास घगवाल के पलोरा गांव में सुरक्षा बलों ने हथियारों की एक खेप बरामद की थी. अधिकारियों के मुताबिक, यह खेप पाकिस्तान से आए एक ड्रोन के जरिए गिराई गई थी. इस बरामदगी में दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, 16 गोलियां और एक ग्रेनेड शामिल थे. अधिकारियों ने बताया कि इतवार शाम को देखे गए ड्रोन भी उसी तरह की कोशिश का हिस्सा हो सकते हैं. इसी आशंका को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में चौकसी और गश्त बढ़ा दी गई है और हर संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है.
