वैश्विक तनाव के बीच सोने-चांदी ने बनाया एक और नया रिकॉर्ड, कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचीं

Update: 2026-01-27 07:18 GMT

मुंबई । अमेरिकी डॉलर की लगातार कमजोरी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के बीच मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। दिन के शुरुआती कारोबार में सोना 2.4 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,59,820 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया, जो अब तक का सबसे हाई स्तर है। हालांकि बाद में मुनाफावसूली के कारण कीमतों में थोड़ी गिरावट आई। वहीं चांदी पिछले सभी रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 3,59,800 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया, जो अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है।

हालांकि खबर लिखे जाने तक (सुबह करीब 10.47 बजे) एमसीएक्स पर फरवरी कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना 1.45 प्रतिशत या 2,270 रुपए की उछाल के साथ 1,58,307 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं मार्च कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी 4.84 प्रतिशत यानी 16,197 रुपए की तेजी के साथ 3,50,896 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोना और चांदी अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए। दुनिया में बढ़ते तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोना-चांदी की ओर बढ़ रहे हैं।

अमेरिका में सरकारी कामकाज बंद होने की आशंका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से 25 प्रतिशत नए टैरिफ की धमकियों ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप ने दक्षिण कोरिया की कारों, लकड़ी और दवाइयों के आयात पर टैरिफ लगाने की बात कही है। साथ ही उन्होंने कनाडा को चेतावनी दी है कि अगर वह चीन से समझौता करता है तो उस पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा।

अमेरिका में अप्रैल डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव करीब 1 प्रतिशत बढ़कर 5,113.70 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर पहुंच गए। इस दौरान डॉलर इंडेक्स 0.1 प्रतिशत कमजोर हुआ, जिससे विदेशी निवेशकों के लिए सोना सस्ता हो गया।

लगातार सुरक्षित निवेश की मांग, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद और दुनिया भर में नरम मौद्रिक नीतियों की उम्मीद से कीमतों को सहारा मिल रहा है।

वहीं कॉमेक्स चांदी 99 डॉलर के स्तर को पार कर गई है और नए रिकॉर्ड बना रही है।

इस हफ्ते अमेरिका में फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की दो दिन की बैठक होने वाली है। उम्मीद है कि फिलहाल ब्याज दरें नहीं बदली जाएंगी, लेकिन साल के अंत तक कम से कम दो बार दरों में कटौती की उम्मीद की जा रही है।

मेहता इक्विटीज लिमिटेड के कमोडिटी विशेषज्ञ राहुल कलंत्री ने कहा कि बाजार की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले पर है। राजनीतिक दबाव की चर्चाओं ने सोना और चांदी जैसे कीमती धातुओं में निवेश को और बढ़ा दिया है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने को 1,57,050 से 1,55,310 रुपए के बीच सपोर्ट मिल सकता है, जबकि ऊपर की ओर 1,59,850 और 1,62,950 रुपए पर रेजिस्टेंस है।

चांदी के लिए 3,38,810 और 3,22,170 रुपए सपोर्ट स्तर हैं, जबकि 3,55,810 और 3,62,470 रुपए पर रेजिस्टेंस मानी जा रही है।

एक अन्य विश्लेषक का अनुमान है कि आने वाले सत्रों में सोना 1,65,000 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 3,65,000 रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकती है।

हाल की रिपोर्ट के अनुसार, चांदी में तेज उछाल के बाद अब ऊंचे स्तरों पर स्थिरता या थोड़ी गिरावट भी देखने को मिल सकती है, क्योंकि निवेशक मुनाफावसूली कर सकते हैं।

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