पश्चिम एशिया हालात पर भारत गंभीर, पीएम मोदी बोले- हर संभव मदद के लिए तैयार
नई दिल्ली | लोकसभा में पश्चिम एशिया संघर्ष पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बीत दो तीन हफ्तों में जयशंकर ने और हरदीप पुरी ने सदन को जानकारी दी है। इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर और लोगों के जीवन पर विपरीत असर हो रहा है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है। भारत के सामने भी इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ये चुनौतियां आर्थिक भी हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ी हैं और मानवीय भी हैं।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक रिश्ते हैं। जिस क्षेत्र में युद्ध हो रहा है, वह दुनिया के दूसरे देशों के साथ हमारे व्यापार का भी एक अहम रास्ता है। खासकर कच्चे तेल और गैस की जरूरतों का बड़ा हिस्सा यही क्षेत्र पूरा करता है।
एक करोड़ लोग खाड़ी देशों में रहते हैं- पीएम मोदी
लोकसभा में बोलते हुए पीएम मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि हमारे लिए यह क्षेत्र एक और कारण से भी अहम है। लगभग एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते हैं और काम करते हैं। वहां समुद्र में जो वाणिज्यिक शिप चलते हैं, उनमें भारतीय क्रू मेंबर्स की संख्या काफी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि इन कारणों की वजह से भारत की चिंताएं अधिक हैं। यह आवश्यक है कि भारत की संसद से इस संकट को लेकर एकमत और एकजुट आवाज दुनिया में जाए।
भारतीयों की सुरक्षा ही हमारी प्राथमिकता- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने आगे कहा कि जबसे यह युद्ध शुरू हुआ है, तबसे ही प्रभावित देशों में भारतीयों को जरूरी मदद दी जा रही है। मैंने पश्चिम एशिया के ज्यादातर राष्ट्राध्यक्षों से दो राउंड फोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस दौरान दुखद रूप से कुछ लोगों की मौत हुई और कुछ घायल हुए हैं। हम परिवारजनों को जरूरी मदद दे रहे हैं। घायलों का इलाज सुनिश्चत कराया जा रहा है।
दी जा रही हर संभव मदद- पीएम मोदी
इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि वहां काम करने वाले भारतीय हों या टूरिस्ट, सभी को हरसंभव मदद दी जा रही है। हमारे मिशन नियमित रूप से एडवायजरी जारी कर रहे हैं। यहां भारत में और अन्य प्रभावित देशों में 24 7 आपात कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन जारी की गई हैं। इनके जरिए लोगों को त्वरित जानकारी दी जा रही है। संकट की स्थिति में देश-विदेश में भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता रही है।
3 लाख 75 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित लौट चुके- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने जारी संघर्ष के बीच स्वदेश लौटने वाले भारतीयों को लेकर भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3 लाख 75 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित लौट चुके हैं। ईरान से अब तक 1000 भारतीय सुरक्षित लौटे हैं। इनमें 700 से अधिक मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा हैं। पीएम ने कहा कि खाड़ी में हजारों भारतीय विद्यार्थी पढ़ते हैं। सीबीएसई ने इन स्कूलों में 10वीं और 12वीं की परीक्षा को रद्द कर दिया। सीबीएसई इन स्कूलों में बच्चों की निर्बाध पढ़ाई जारी रखने के लिए तत्काल कदम उठा रही है।
