किस बात की जल्दी है', भारत-पाकिस्तान मैच रद्द करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का तत्काल सुनवाई से इनकार
नई दिल्ली: एशिया कप 2025 में 14 सितंबर को दुबई में होने वाले भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को रद्द करने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि "किस बात की जल्दी है? यह सिर्फ एक मैच है, इसे होने दीजिए।" यह फैसला सोमवार को न्यायमूर्ति माहेश्वरी की बेंच ने सुनाया, जब याचिकाकर्ताओं के वकील ने तुरंत सुनवाई की मांग की।
याचिका का विवरण
याचिकाकर्ता: चार कानून के छात्रों (उर्वशी जैन और अन्य) ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत यह जनहित याचिका दायर की है। कुछ रिपोर्ट्स में पुणे के सामाजिक कार्यकर्ता केतन तिरोडकर का भी नाम जुड़ा है।
मुख्य तर्क: याचिका में कहा गया है कि हाल ही में पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) में हुए आतंकी हमले (22 अप्रैल 2025 को 26 पर्यटकों की हत्या) और ऑपरेशन सिंदूर में सैनिकों के बलिदान के बाद पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलना राष्ट्रीय गरिमा, जनभावना और सशस्त्र बलों के मनोबल के खिलाफ है। यह पाकिस्तान को "मित्र" मानने का गलत संदेश देता है, जो आतंकवादियों को पनाह देता है। याचिकाकर्ताओं ने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) का उल्लंघन बताया।
अन्य मांगे: याचिका में भारत सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि मैच रद्द किया जाए। साथ ही, राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 को लागू करने और क्रिकेट को राष्ट्रीय खेल महासंघ के तहत लाने की भी बात कही गई। बीसीसीआई को भी याचिका में पक्षकार बनाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
जब वकील ने तर्क दिया कि मैच रविवार (14 सितंबर) को है और तत्काल सुनवाई न हुई तो याचिका निरर्थक हो जाएगी, तो कोर्ट ने पूछा, "मैच इसी रविवार को है?" फिर कहा, "इतनी जल्दी क्या है? मैच जारी रहना चाहिए।"
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह एक साधारण क्रिकेट मैच है और इसे होने देना चाहिए। याचिका पर सामान्य प्रक्रिया से सुनवाई होगी, लेकिन तत्काल हस्तक्षेप नहीं।
पृष्ठभूमि और विवाद
एशिया कप 2025: टूर्नामेंट 9 सितंबर से दुबई में शुरू हो चुका है। भारत ग्रुप-ए में है, जिसमें पाकिस्तान, यूएई और ओमान भी शामिल हैं। भारत का पहला मैच यूएई के खिलाफ था।
विवाद का कारण: पहलगाम हमले के बाद कई पूर्व क्रिकेटर, राजनेता (जैसे संजय राउत) और फैंस ने मैच का विरोध किया। बीसीसीआई के सचिव देवजित सैकिया ने कहा कि केंद्र सरकार ने मल्टीनेशनल टूर्नामेंट में भाग लेने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है, इसलिए मैच होगा।
पिछले उदाहरण: क्रिकेट में भारत-पाकिस्तान मैच हमेशा से संवेदनशील रहे हैं। हाल ही में वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लेजेंड्स (WCL) में भी एक मैच रद्द हुआ था, लेकिन यह आधिकारिक ICC टूर्नामेंट नहीं था।
यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और खेल के बीच संतुलन पर बहस छेड़ रहा है। बीसीसीआई और सरकार का कहना है कि एशिया कप जैसे टूर्नामेंट में भाग लेना अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का हिस्सा है। यदि मैच होता है, तो यह भारत-पाकिस्तान की ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता का एक और रोमांचक अध्याय होगा। अधिक अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखें।
