भगवान कृष्ण के जन्म के समय जैसे योग बन रहे हे जन्माष्टमी पर
अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिष विज्ञान शोध संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ पंडित सीताराम त्रिपाठी शास्त्री ने बताया कि भाद्रपद कृष्ण अष्टमी सोमवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी जो विशेष योग सहयोग में मनेगी खास बात यह है कि इस बार जो जन्माष्टमी आई है उस दिन जैसे ही योग सहयोग बना रहे हैं जो भगवान कृष्ण के जन्म के समय बन रहे थे द्वापर युग में जब भगवान श्री कृष्ण का अवतार हुआ तब 6 विशेष सहयोग बने थे जबकि इस बार जन्माष्टमी को उनमें से चार योग आ रहे हैं पंडित त्रिपाठी ने बताया कि भगवान कृष्ण का अवतरण भाद्र कृष्ण पक्ष की रात्रि 12:00 बजे अष्टमी तिथि रोहिणी नक्षत्र वृषभ राशि में चंद्रमा में हुआ था चंद्रमा वृषभ राशि में रहेगा और रोहिणी नक्षत्र रहेगा साथ ही सोमवारी अष्टमी तिथि सुबह 3:40 से देर रात 2:20 तक का लग्न वृषभ राशि का रहेगा पंडित त्रिपाठी ने बताया कि यह पर्व इस बार बहुत ही शुभ मुहूर्त में बनेगा भाद्रपद श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर 26 अगस्त को रात 12:00 बजे वृष लग्न रहेगा चंद्रमा वर्ष राशि में उच्च के रोहिणी नक्षत्र में गोचर करेंगे गुरु ग्रह भी वृषभ में ही गोचर कर रहे हैं चंद्रमा के साथ मिलकर गजकेसरी योग का निर्माण कर रहे हैं चतुर्थ भाव में सूर्य का स्वराशि शहर में रहेंगे शनि भी अपने मूल त्रिकोण राशि कुंभ में गोचर कर रहे हैं और सतयुग का निर्माण कर रहे हैं श्री कृष्ण के जन्म के समय भी वृष लग्न में चंद्रमा उच्च के रोहिणी नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं भगवान कृष्ण की पूजा अर्चना के लिए विशेष रूप से शुभ समय रात्रि 12:00 से 12:45 तक रहेगा श्री कृष्ण जन्मोत्सव आरती के बाद भक्तों को पंजीरी व माखन मिश्री का प्रसाद वितरित किया जाएगा