सर्दी-खांसी की दवा जेनोवोलएसएफ अमानक, मेंथॉल व एंब्रोक्सोल कम, हानिकारक रसायन अधिक

Update: 2026-01-01 17:37 GMT


जयपुर। सर्दी और खांसी के मौसम में उपचार के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा जेनोवोलएसएफ (एंब्रोक्सोल हाइड्रोक्लोराइड, टर्ब्यूटालीन सल्फेट, ग्वाइफेनेसिन और मेंथॉल सिरप) गंभीर रूप से अमानक पाई गई है। यह दवा सामान्यत: सर्दी, खांसी और श्वसन तंत्र की अन्य समस्याओं के इलाज के लिए प्रयोग की जाती है।

परीक्षण में पाया गया कि दवा में एंब्रोक्सोल हाइड्रोक्लोराइड का स्तर 10.35 एमजी था, जबकि दावा 15 एमजी का किया गया था, जो 69% से भी कम है। मेंथॉल का दावा 1 एमजी था, लेकिन यह 0.639 एमजी ही पाया गया, जो 161.9% तक कम है। इसके अलावा डाइएथिलीन ग्लाइकोल (डीईजी), एक हानिकारक रासायनिक तत्व, 0.584% पाया गया, जबकि मानक स्तर 0.1% से कम होना चाहिए।

औषधि नियंत्रक अजय फाटक ने बताया कि इस दवा के निर्माता बी शारदा लाइफ साइंसेज, गुजरात के खिलाफ आगे की जांच की जाएगी और उनकी अन्य दवाओं के नमूनों की भी जांच की जाएगी।

इसके अलावा, आयुक्तालय ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की 29 दिसंबर 2025 की अधिसूचना के बाद राज्य में 100 मिलीग्राम से अधिक निमेसुलाइड वाली दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। निमेसुलाइड मुख्य रूप से दर्द और सूजन कम करने के लिए प्रयोग की जाती है और गठिया, मांसपेशियों में दर्द, सिर दर्द और अन्य सूजन संबंधी समस्याओं में उपयोगी होती है। विशेषज्ञों के अनुसार इसके अत्यधिक या गलत उपयोग से किडनी, लिवर और पेट संबंधित गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने दवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आम जनता को नुकसान से बचाने के लिए कड़ा कदम उठाया है।

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