स्मार्ट पैरेंटिंग: बिना डांट-फटकार बच्चे से कैसे करवाएं होमवर्क? अपनाएं ये प्रभावी तरीके
पैरेंटिंग डेस्क | स्कूल से आने के बाद बच्चों को होमवर्क के लिए बैठाना किसी युद्ध जीतने से कम नहीं लगता। अक्सर माता-पिता झुंझलाहट में डांट-फटकार या सजा का सहारा लेते हैं, जिससे बच्चा पढ़ाई को एक 'बोझ' या 'डर' समझने लगता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्यार और कुछ स्मार्ट तकनीकों के जरिए आप होमवर्क के समय को तनावमुक्त और मजेदार बना सकते हैं? आइए जानते हैं कुछ बेहतरीन पैरेंटिंग टिप्स।
होमवर्क को आसान बनाने के स्मार्ट तरीके
1. 'होमवर्क स्टेशन' तैयार करें
बच्चे के लिए घर में एक निश्चित और शांत जगह तय करें जहाँ बैठकर वह रोज पढ़ाई करे। वह जगह साफ-सुथरी होनी चाहिए और वहां खिलौने या टीवी जैसी ध्यान भटकाने वाली चीजें न हों। जब बच्चे का अपना एक कोना होता है, तो उसका दिमाग पढ़ाई के लिए पहले से तैयार रहता है।
2. एक निश्चित दिनचर्या (Routine) बनाएं
होमवर्क का समय रोज एक ही होना चाहिए। स्कूल से आने के तुरंत बाद उसे काम के लिए न बैठाएं। उसे थोड़ा आराम करने, खेलने और नाश्ता करने का समय दें। जब बच्चे को पता होगा कि 'शाम 5 से 6 बजे तक होमवर्क का समय है', तो वह मानसिक रूप से इसके लिए तैयार रहेगा।
3. कार्यों को छोटे टुकड़ों में बांटें
अगर होमवर्क ज्यादा है, तो बच्चा घबरा सकता है। उसे कहें कि "पहले हम गणित के 5 सवाल करेंगे, फिर 5 मिनट का ब्रेक लेंगे।" छोटे लक्ष्य पूरे होने पर बच्चे को उपलब्धि (Achievement) का अहसास होता है और वह बोर नहीं होता।
4. 'रिश्वत' नहीं, 'प्रोत्साहन' दें
"होमवर्क करोगे तो चॉकलेट मिलेगी"—यह रिश्वत है। इसके बजाय प्रोत्साहन (Appreciation) का उपयोग करें। "अगर तुम समय पर काम पूरा कर लोगे, तो हम शाम को साथ में पार्क चलेंगे या तुम्हारा पसंदीदा गेम खेलेंगे।" यह उन्हें अपनी जिम्मेदारी समय पर पूरा करने के लिए प्रेरित करता है।
5. खुद भी उनके साथ 'काम' करें
जब बच्चा होमवर्क कर रहा हो, तब आप मोबाइल चलाने या टीवी देखने के बजाय पास बैठकर अपना कोई दफ्तर का काम करें या किताब पढ़ें। आपको पढ़ते देख बच्चा भी प्रेरित महसूस करेगा। उसे लगेगा कि पढ़ाई केवल उस पर थोपी नहीं गई है, बल्कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है।
6. गलतियों को सीखने का अवसर बनाएं
बच्चे से गलती होने पर चिल्लाने के बजाय उसे प्यार से समझाएं। अगर वह अटक जाए, तो सीधे जवाब बताने के बजाय उसे सही दिशा में सोचने के लिए हिंट (Hint) दें। इससे बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वह होमवर्क से डरेगा नहीं।
