गहलोत का तीखा वार –: "सरकार गिराने का कांड प्रैक्टिकल था, कोर्ट का फैसला सिर्फ थ्योरिटिकल
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर राजनीतिक हलचल मचा दी है। जयपुर आवास पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा – *"मेरी सरकार गिराने का पूरा कांड प्रैक्टिकल था, कोर्ट का फैसला थ्योरिटिकल है।"*
गहलोत ने साफ कहा कि हाईकोर्ट भले ही एसीबी केस में एफआर को मंजूरी दे चुका हो, लेकिन इससे षड्यंत्र खत्म नहीं हो जाता। उनके शब्दों में – *"एफआर देने से केस समाप्त नहीं होता है।"*
#### **PSO पर कटाक्ष – 'सीएमओ ढील देता तो पेपर क्यों खरीदना पड़ता?'**
एसआई पेपर लीक मामले में अपने PSO के फंसने पर गहलोत ने तंज कसते हुए कहा – *"मुख्यमंत्री के 80 PSO होते हैं। जिस PSO की फोटो दिखाई गई, क्या कभी वह मेरे साथ दिखा? अगर सीएमओ ढील देता तो उसे पेपर खरीदने की जरूरत क्यों पड़ती? नौकरी ऐसे ही लग जाती।"*
गहलोत का कहना था कि जब सीएम का कर्मचारी तक मेडिकल टेस्ट में फेल होकर बाहर हो गया और मदद नहीं मिली, तो इसका मतलब है कि पूरा सिस्टम ईमानदारी से चल रहा था।
#### **भजनलाल पर चुटकी, लेकिन 'कामयाबी' की दुआ भी**
गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सलाह देते हुए कहा – *"भजनलाल पहली बार मुख्यमंत्री बने हैं। मैं चाहता हूं वे कामयाब हों। उनके सलाहकार मेरे बयान लैपटॉप पर चलाकर उन्हें सुनाएं, ताकि उन्हें समझ आए और वे सफल हो पाएं।"*
यानी विरोधियों को शिकस्त देते हुए भी गहलोत ने राजनीतिक अंदाज में 'आशीर्वाद' देना नहीं छोड़ा।
#### **पीएम मोदी से मांग – 'मानगढ़ को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करें'**
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 सितम्बर को प्रस्तावित दौरे पर गहलोत ने कहा – *"पीएम आदिवासियों की आस्था से जुड़े मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करें। मेरे मुख्यमंत्री रहते मोदी जी यहां आए थे, तैयारियां पूरी थीं, लेकिन घोषणा आज तक नहीं हुई।"*
