बाल श्रम एवं किशोर श्रम उन्मूलन तथा पुनर्वास अभियान में सभी विभाग समन्वय से करें कार्य - एडीएम सिटी

Update: 2026-01-27 16:25 GMT


 

उदयपुर, । भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण टाक्स फोर्स, जिला बाल श्रम टास्क फोर्स एवं जिला स्तरीय बंधक श्रमिक सतर्कता समिति की बैठकें बुधवार को जिला कलक्टर नमित मेहता के निर्देशन में एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा की अध्यक्षता में हुई। इसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एडीजे कुलदीप शर्मा सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, सीडब्ल्यूसी, बाल अधिकारिता विभाग, नगर पालिका, भींडर, मानव तस्करी विरोधी यूनिट, शिक्षा विभाग आदि के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

संयुक्त श्रम आयुक्त संकेत मोदी ने बताया कि जिला बाल श्रम टास्क फोर्स बैठक में बालक और कुमार श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986 संशोधित अधिनियम, 2016 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं बाल श्रम उन्मूलन की रोकथाम के सम्बन्ध में जारी मानव संचालन प्रक्रिया के तहत चाईल्ड लाईन, सी.डब्ल्यु.सी, एएचटीयू व श्रम विभाग द्वारा कार्यवाही पर चर्चा की गई। मानव तस्करी विरोधी यूनिट के द्वारा जनवरी, 2025 से आज दिनांक तक 42 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया जाकर 24 प्रकरण दर्ज किये गये। बाल श्रम उन्मूलन के लिए जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत समस्त विभागों को सौपें गये दायित्वों के अनुसार समयबद्ध प्रभावी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया। विद्यालयों से ड्रॉपआउट बच्चों के सम्बन्ध मे शिक्षा विभाग के उपस्थित प्रतिनिधि को सर्वे कर श्रम विभाग को आवश्यक रूप से सूचना उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया। एडीएम श्री ओझा ने शिक्षा विभाग के उपस्थित प्रतिनिधि को वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट सहित आगामी बैठक मे उपस्थित होने हेतु पाबंद किया। बाल अधिकारिता विभाग से उपस्थित प्रतिनिधि द्वारा बाल श्रम के विरूद्व चलाये जा रहे अभियान के सबंध में जानकारी प्रदान की। एडीएम सिटी ने अभियान को और अधिक प्रभावी रूप से चलाये जाने व दोषी नियोजकों के विरूद्व कठोर कार्यवाही करने के लिये निर्देशित किया। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा 26 जनवरी से 31 मार्च, 2026 तक जिले मे संचालित बाल श्रम एवं किशोर श्रम उन्मूलन तथा पुनर्वास अभियान के अंतर्गत सभी विभागों को बाल श्रम के सम्बन्ध मे प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश प्रदान किये गए।

भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण टास्क फोर्स की बैठक में श्रम विभाग द्वारा भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम, 1996 के तहत अब तक संग्रहित किये गये उपकर एवं उक्त अधिनियम की कल्याणकारी योजनाआें के तहत लाभान्वित किये गये श्रमिकां का विवरण प्रस्तुत किया। बैठक में नगर पालिका, भीण्डर के प्रतिनिधि उपस्थित हुए। जिले मे विभाग द्वारा भवन एंव अन्य संनिर्माण श्रमिकों का पंजीयन एंव अनुदान/सहायता राशि सें लाभान्वित किये जाने का कार्य किया जा रहा है। जिसके अन्तर्गत किसी भी निर्माण कार्य में नियोजित श्रमिकों का पंजीयन हिताधिकारी के रूप में किया जाकर उन्हें मंडल द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओ से लाभान्वित किया जाता है। विभाग द्वारा अब तक कुल 143095 निर्माण श्रमिकों का पंजीयन हिताधिकारी के रूप में किया जाकर इस वर्ष 11220 पात्र निर्माण श्रमिकों को लाभान्वित किया जा चुका है। 2025-26 में 4501 श्रमिकों का निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीयन किया जा चुका हैं।

जिला स्तरीय बंधक श्रमिक सतर्कता समिति की बैठक में जिले में उपखण्ड स्तरीय बंधक श्रमिक सतर्कता समितियां के पुनर्गठन एवं उपखण्ड स्तर पर वर्ष में दो बार किये जाने वाले सर्वे की रिपोर्ट एवं उपखण्ड स्तरीय बंधक सतर्कता समितियां की बैठक का कार्यवाही विवरण तथा उनके समक्ष बंधक श्रम प्रतिषेध अधिनियम के तहत लम्बित आपराधिक प्रकरणां की सूचना सभी एसडीएम से प्राप्त करने हेतु निर्देशित किया। सेन्ट्रल सेक्ट बोंडेड लेबर स्कीम के प्रावधानानुसार गोगुन्दा, वल्लभनगर, बडगॉव, कोटडा, उदयपुर शहर, मावली, गिर्वा, खेरवाडा, फलासिया, झाडोल इत्यादि उपखंडों से बंधक श्रम सर्वे कार्य पूर्ण करवा प्रपत्र प्राप्त हो चुके है इनके अनुसार जिले मे कोई बंधक श्रमिक नही पाया गया 

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