अस्पतालों से कुत्ते भगाने की जिम्मेदारी चिकित्सकों को सौंपी गई: नोडल अधिकारी नियुक्त

Update: 2026-02-09 12:35 GMT


जैसलमेर। राजस्थान के पश्चिमी क्षेत्र जैसलमेर सहित कुछ सरकारी अस्पतालों में अब चिकित्सकों को एक नई और अनोखी जिम्मेदारी सौंपी गई है। अस्पतालों में मरीजों के इलाज के साथ-साथ अब डॉक्टर अस्पताल परिसर से कुत्ते भगाने का काम भी देखेंगे।

सरकारी अस्पतालों में घूमने वाले आवारा कुत्तों को रोकने और परिसर को सुरक्षित बनाने के लिए बाकायदा नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। ये नोडल अधिकारी अस्पतालों में ही पदस्थ चिकित्सक हैं।

इन अस्पतालों में लागू हुए आदेश: अस्पताल परिसर में कुत्ते प्रवेश न करें, इसकी रोकथाम करना और उन्हें पकड़वाने की जिम्मेदारी अब इन चिकित्सकों की रहेगी। वर्तमान में यह आदेश निम्नलिखित अस्पतालों में लागू किए गए हैं:

जोधपुर का प्रतापनगर सैटेलाइट अस्पताल

जोधपुर का मंडोर सैटेलाइट अस्पताल

जैसलमेर का जवाहिर जिला अस्पताल

अस्पताल प्रशासन का मानना है कि इस कदम से मरीजों को कुत्तों के आतंक से निजात मिलेगी, हालांकि चिकित्सकों को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपे जाने पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं।अगर अस्पताल परिसर में कुत्तों की संख्या ज्यादा होती है तो नोडल अधिकारी पीएमओ और नगर परिषद या नगर निगम की टीम से समन्वय कर उन्हें पकड़वाने की कार्रवाई करेंगे। इसके साथ ही जिन स्थानों पर अस्पताल की बाउंड्रीवॉल नीची है, वहां दीवार की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी ताकि कुत्ते कूदकर अंदर न आ सकें।

अस्पताल के प्रवेश द्वारों पर गेट प्रबंधन को सख्त किया जाएगा और पूरी व्यवस्था की समय-समय पर रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। इस आदेश के बाद प्रदेश में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या डॉक्टरों पर प्रशासनिक जिम्मेदारियों का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।

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