क्रोएशिया में ड्राइवर की नौकरी का झांसा देकर 10 लाख की ठगी; कचरा उठाना पड़ा, फिर भीख मांगकर वतन लौटा पीड़ित
श्रीकरणपुर| विदेश में अच्छी नौकरी और बेहतर भविष्य का सपना किस तरह एक युवक के लिए दुस्वप्न बन गया, इसका सनसनीखेज मामला श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर में सामने आया है। यहाँ के वार्ड नंबर 16 निवासी अजय ग्रोवर उर्फ मोंटी (35) से आरोपियों ने क्रोएशिया में ड्राइवर की नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये ठग लिए। ठगी का शिकार हुए मोंटी को विदेश में न केवल कचरा उठाने का काम करना पड़ा, बल्कि वतन वापसी के लिए भीख तक मांगनी पड़ी।
साजिश का जाल: ड्राइवर की नौकरी और 1 साल का वर्क परमिट
पीड़ित मोंटी के अनुसार, स्थानीय निवासी सुखमहेंद्रसिंह ने उसे विश्वास में लिया कि उसका बेटा जगदीपसिंह (जो अभी जर्मनी में है) लवदीपसिंह नामक एजेंट के जरिए विदेश में अच्छी कमाई कर रहा है। मोंटी को झांसा दिया गया कि 10 लाख रुपये में उसे क्रोएशिया में 1 साल के वर्क परमिट पर ड्राइवर की नौकरी मिल जाएगी। आरोपियों ने बाकायदा 100 रुपये के स्टांप पेपर पर शर्तें भी लिखकर दी थीं।
धोखाधड़ी का सिलसिला: ₹10 लाख लेकर थमाया कचरा उठाने का काम
मोंटी ने विभिन्न किश्तों में 10 लाख रुपये और टिकट के अलग से 40 हजार रुपये लवदीपसिंह (फ्लाइट रूट एंटरप्राइजेज, गुरदासपुर) को दिए। 18 मई 2025 को वह क्रोएशिया पहुंचा, लेकिन वहां पहुँचते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई:
ड्राइवर नहीं, कचरा ढोना पड़ा: उसे सड़कों पर कचरा उठाने वाले वाहन चलाने के काम पर लगा दिया गया।
वीजा में भी फर्जीवाड़ा: 1 साल के वादे के खिलाफ उसे सिर्फ 6 महीने का वीजा मिला।
भीख मांगकर जुटाए टिकट के पैसे: जब 6 महीने बाद वीजा खत्म हुआ तो कंपनी ने उसे निकाल दिया। एजेंट ने हाथ खड़े कर दिए। मोंटी के पास पैसे नहीं बचे थे, उसे भीख मांगकर भारत लौटने के लिए टिकट के पैसे जुटाने पड़े।
अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
मोंटी 23 नवंबर 2025 को भारत लौटा और आरोपियों से पैसे मांगे, लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया। अब श्रीकरणपुर थाना पुलिस ने इस मामले में:
लवदीपसिंह (एजेंट, गुरदासपुर)
सुखमहेंद्रसिंह (श्रीकरणपुर)
जगदीपसिंह (जर्मनी निवासी)
नवरूपसिंह (श्रीकरणपुर) के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच एएसआई धर्मवीर सिंह को सौंपी है।
