पुलिस की साख पर लगा दाग; कॉन्स्टेबल ने बदमाशों के साथ मिलकर की लूट, एसपी ने दिए गिरफ्तारी के आदेश
कोटा | शहर में 'खाकी' को शर्मसार कर देने वाली एक गंभीर वारदात सामने आई है। जहाँ कानून के रखवाले ही लूट जैसी संगीन घटना में शामिल पाए गए हैं। एक पुलिस कॉन्स्टेबल ने प्राइवेट बदमाशों के साथ मिलकर एक व्यक्ति के साथ लूट और अपहरण की वारदात को अंजाम दिया। सिटी एसपी तेजस्वनी गौतम के निर्देश पर कॉन्स्टेबल सहित छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
नशे की खेप 'हड़पने' के चक्कर में फंसी खाकी
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि कॉन्स्टेबल मनीष यादव को नशे की किसी बड़ी खेप की सूचना मिली थी। नियमानुसार कार्रवाई करने के बजाय, मनीष ने कुछ स्थानीय बदमाशों को पैसे का लालच देकर साथ लिया और एक प्राइवेट कार से दबिश दी। उन्होंने नशे का सामान जब्त तो किया, लेकिन उसे सरकारी रिकॉर्ड में चढ़ाने के बजाय खुद ही 'खुर्द-बुर्द' कर दिया और संबंधित व्यक्ति को छोड़ दिया।
एसपी ऑफिस पहुँचने पर खुला राज
जब पीड़ित को अहसास हुआ कि उसके साथ पुलिस की आड़ में लूट और फ्रॉड हुआ है, तो उसने सीधे एसपी ऑफिस पहुँचकर अपहरण और लूट की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में खाकी वर्दी पहने व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए गए थे।
एसपी तेजस्वनी गौतम की सख्त कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी एसपी ने तत्काल जांच के आदेश दिए। एसपी ने बताया कि:
FIR दर्ज: कॉन्स्टेबल मनीष यादव और 5 अन्य के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है।
दो हिरासत में: इस मामले में अब तक दो लोगों को डिटेन (हिरासत में) किया गया है।
सस्पेंशन और गिरफ्तारी: एसपी ने स्पष्ट किया कि पहचान परेड के बाद आरोपी पुलिसकर्मी को न केवल सस्पेंड किया जाएगा, बल्कि उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
पूरे मामले की जांच अब डीएसपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
