उदयपुर । राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय रेजीडेन्सीएवं कस्तूरबा गॉंधी बालिका आवासीय विद्यालय में उपनिदेशक महिला अधिकारिता, उदयपुर के निर्देशानुसार बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के 100 दिवसीय कार्यक्रमों की श्रृंखला में जागरूकता सत्र आयोजित हुआ। इसमें जेंडर स्पेशलिस्ट ने बलिकाओं को बताया कि बालिकाओं एवम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और महिलाओं और युवा लड़कियों के सामने मौजूद गहरी सामाजिक और डिजिटल चुनौतियों का समाधान करने के लिए अपने कानूनी ढांचे को लगातार मजबूत किया है। साथ ही समझाया गया कि लिंग आधारित हिंसा एक गंभीर समस्या है जो कई महिलाओं और लड़कियों को प्रभावित करती है। इसमें सहायता सेवाओं की कमी से लेकर पीड़ितों को दोषी ठहराने वाले सामाजिक दृष्टिकोण तक कई चुनौतियाँ हैं। हालाँकि, इसके समाधान भी हैं। शिक्षा और जागरूकता लैंगिक भूमिकाओं के बारे में लोगों की सोच बदल रही है। बेहतर कानून और सख्त प्रवर्तन महिलाओं की सुरक्षा में मदद कर सकते हैं। आश्रय और परामर्श जैसी सहायता सेवाएँ पीड़ितों को ठीक होने में मदद कर सकती हैं। साथ ही बाल विवाह मुक्त भारत अभियान अन्तर्गत बालिकाओं को बाल विवाह रोकथाम के बारे में बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक एवं कानूनी अपराध है। इस कुरीति को रोकने के लिए कानूनी प्रावधान के साथ जन चेतना आवश्यक है बताया गया।