भगवान ने बचाया: बूंदी में स्कूल की 50 फीट लंबी छत ढही, बाल-बाल बचे मासूम; 15 मिनट पहले ही वहां से हटे थे बच्चे
राजस्थान के बूंदी जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ गेंडोली थाना क्षेत्र के भैंस खेड़ा गांव में एक सरकारी स्कूल के बरामदे की छत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। गनीमत यह रही कि कुदरत ने एक बड़ा हादसा होने से बचा लिया, वरना कई मासूम बच्चों की जान जा सकती थी।
मौत को छूकर निकले मासूम
घटना मंगलवार सुबह करीब 10:45 बजे की है। राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल भैंस खेड़ा के बरामदे की करीब 50 फीट लंबी छत अचानक भरभरा कर गिर गई। बताया जा रहा है कि हादसे से महज 15 मिनट पहले तक बच्चे उसी बरामदे में मौजूद थे। कड़ाके की ठंड के कारण शिक्षक बच्चों को वहां से करीब 50 फीट दूर धूप में ले गए थे, जिसके कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई।
धमाके से सहम गए छात्र, मची अफरातफरी
धूप में बैठकर पढ़ रहे बच्चे और शिक्षक उस समय दहल गए जब अचानक मलबे के गिरने का जोरदार धमाका हुआ। धूल का गुबार छंटने के बाद जब शिक्षकों ने देखा कि पूरा बरामदा जमींदोज हो चुका है, तो उनकी रूह कांप गई। बच्चे भी इस मंजर को देखकर बुरी तरह सहम गए।
जर्जर भवनों पर उठ रहे सवाल
इस घटना ने सरकारी स्कूलों के जर्जर भवनों की पोल खोल दी है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर बच्चों को धूप में शिफ्ट नहीं किया गया होता, तो आज कई घरों के चिराग बुझ सकते थे।
स्थान: राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल, भैंस खेड़ा (गेंडोली)
समय: मंगलवार सुबह 10:45 बजे
नुकसान: 50 फीट लंबा बरामदा पूरी तरह ध्वस्त
प्रशासनिक जांच की मांग
ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि जिले के सभी पुराने और जर्जर स्कूल भवनों की तुरंत जांच कराई जाए, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति पैदा न हो। अभिभावकों में अब अपने बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर डर का माहौल है।
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