मधुमक्खी पालन से किसानों के जीवन में घुलेगी मिठास: ₹80,000 तक का अनुदान दे रही राज्य सरकार
उदयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए विशेष अनुदान योजना लागू की गई है, जिससे किसान न केवल शहद उत्पादन बल्कि परागण के जरिए फसल पैदावार में भी 15 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकते हैं।
उप निदेशक उद्यान डॉ. कैलाशचन्द्र शर्मा ने बताया कि मधुमक्खी पालन एक कम लागत वाला व्यवसाय है। इसके लिए इटैलियन प्रजाति (ऐपिस मैलीफेरा) सबसे उपयुक्त है, जिससे सालभर में एक बॉक्स से 40-60 किलो तक शहद प्राप्त किया जा सकता है।
योजना की मुख्य बातें और अनुदान:
पात्रता: किसान के पास न्यूनतम 0.40 हेक्टेयर कृषि भूमि होना आवश्यक है।
अनुदान राशि: बी-कॉलोनी और बॉक्स की कुल लागत पर 40% (अधिकतम ₹1600 प्रति सेट) अनुदान मिलेगा।
अधिकतम सीमा: एक किसान को 50 बॉक्स, 50 कॉलोनी और बी-कीपिंग किट पर अधिकतम ₹80,000 तक का अनुदान दो वर्षों में देय होगा।
परिवहन पर सहायता: फूल खत्म होने पर मधुमक्खियों को दूसरे जिलों या राज्यों में ले जाने (माइग्रेशन) के परिवहन व्यय पर भी अनुदान का प्रावधान है।
आवेदन प्रक्रिया:
इच्छुक किसान ई-मित्र या स्वयं की एसएसओ आईडी के माध्यम से राज किसान साथी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए जनाधार और 6 माह से पुरानी न हो ऐसी जमाबंदी अपलोड करनी होगी। अधिक जानकारी के लिए उद्यान विभाग, उदयपुर के कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।
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