निंबाहेड़ा । 20 वें कल्याण महाकुंभ के सप्तम दिवस मंगलवार रात्रि को श्रीराम कथा मंडप में आयोजित एक शाम कल्लाजी के नाम भजन संध्या में लोक भजन गायकों जगदीश वैष्णव व बबलू राजस्थानी की भजन संध्या खूब जमी। उनके भजनों के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद श्रोता तालियों से संगत करते हुए आनंदित हो गए। जगदीश वैष्णव ने गणपति वंदना के साथ कल्लाजी का आह्वान करते हुए कीर्तन की हैं रात कल्लाजी थाने आज आनो हैं सुनाकर वातावरण को कल्लामय बना दिया।
उन्होंने ढोला रे ढमके आवजो कल्लाजी के साथ जब मैं तो देखयो रे निंबाहेड़ा रे माय कल्लाजी का ठाठ बड़ा भजन की प्रस्तुति दी तो ऐसी अनुभूति हुई मानो सैकड़ों श्रद्धालु ठाकुरजी के ठाठ में रम गए हो। उन्होंने सांवरिया सेठ के भजनों के साथ मेवाड़ के प्रसिद्ध तीर्थ गठबोर के चारभुजा जी का प्रचलित भजन बन्नों मारो चारभुजा को नाथ, बन्नी तो मारी तुलसा लाड़ली सुनाकर खूब वाह वाही लूटी। बबलू राजस्थानी ने कल्लाजी के साथ साथ मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम सांवरिया सेठ की महिमा का बखान करते हुए थाकी सेवा को सांवरिया मने काम मिल गयो, म्हारी रोजी रोटी को इंतजाम हो गयो के साथ चिरपरिचित अंदाज में जब सब तेरा सेठ सांवरिया मेरा तो कुछ भी नहीं सुनाया तो भक्तगण सांवरिया के रंग में रंग गए। उन्होंने माकी दोस्ती ने कायम राखों मंडफिया वारा जैसे भजनों के माध्यम से श्रोताओं को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। देर रात तक चली भजन संध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्ति सरोवर में गौते लगाते नजर आए। प्रारंभ में वेदपीठ के पदाधिकारियों एवं न्यासियों ने भजन गायकों एवं संगीतकारों का तुलसीमाला एवं ऊपरना ओढ़ाकर स्वागत किया।