नगर परिषद की अतिक्रमण कार्रवाई पर चित्तौड़गढ़ में बवाल: भेदभाव के आरोप, कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन
चित्तौड़गढ़। शहर के हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में नगर परिषद द्वारा की गई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। बुधवार (25 मार्च) को हुई इस कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को स्थानीय व्यापारियों और कॉलोनीवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर पहुँचकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाया।
बिना नोटिस कार्रवाई और भेदभाव के गंभीर आरोप:
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे युवा कांग्रेस नेता राहुल शर्मा सैगवा और वार्ड 27 के पार्षद शैलेंद्र सिंह शक्तावत ने आरोप लगाया कि नगर परिषद की यह कार्रवाई पूरी तरह से भेदभावपूर्ण रही। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन ने केवल चुनिंदा गरीब दुकानदारों और ठेला चालकों के अतिक्रमण हटाए, जबकि प्रभावशाली लोगों के अवैध निर्माणों को छुआ तक नहीं गया। स्थानीय नागरिकों ने इस बात पर भी कड़ा ऐतराज जताया कि कार्रवाई से पूर्व किसी भी प्रकार का नोटिस या वैधानिक सूचना नहीं दी गई, जिससे आमजन को भारी आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
आंदोलन की चेतावनी:
प्रभावित व्यापारियों और कॉलोनीवासियों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया सभी के लिए समान रूप से लागू नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ये रहे मौजूद:
विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्षद प्रत्याशी अनुराग शर्मा, मुरली खत्री, संजय मोड, कमल मिश्रा, राजा राजेंद्र सिंह, शंकर धोबी, पुष्पा कुँवर भाटी, शीतल लड़ा, प्रेम बाई, जमुना सेन, नानूराम मनोहर सिंह भाटी, मनीष मराठा, विक्रम सिंह, चित्रांग दशोरा, घनश्याम सिंह, अर्जुन सेन, राजेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और आमजन उपस्थित रहे।